राम मंदिर चंदा चोरी मामले में पुलिस जेल में रविवार को 5 आरोपियों से पूछताछ करेगी. पुलिस के मुताबिक अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, करुणेश पांडे और मनीष यादव इन सभी आरोपियों से रविवार से जेल में पुलिस पूछताछ करेगी. मामले की जांच कर रहे सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष जज रजत वर्मा की कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपियो से जेल में पूछताछ की परमिशन अयोध्या पुलिस को मिल गयी है.

इससे पहले पुलिस ने जेल में से जेल में पूछताछ की थी और फिर उसकी पुलिस कस्टडी भी ली थी. रविवार से 5 आरोपियों से जेल में पूछताछ होगी और इनके बयान दर्ज किए जाएंगे. जरूरत पड़ने पर आगे पूछताछ के बाद इनकी एकएक करके पुलिस कस्टडी भी ली जा सकती है.
वहीं, अयोध्या पुलिस सोमवार के बाद ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों से भी सवालजवाब करेगी. अभी तक अयोध्या पुलिस ने गोपाल राव और अनिल मिश्रा से सवालजवाब नहीं किए हैं.
अविनाश शुक्ला के खिलाफ मिले पुख्ता सबूत
दूसरी ओर, आरोपी अविनाश शुक्ला के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं. अविनाश को चोरी करते हुए CCTV में देखा गया था. बाकी आरोपियो में से ज्यादातर के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस मौजूद हैं.
पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ है कि सभी आरोपियों को अपने किए पर पछतावा है, हालांकि अभी तक पूछताछ और जांच में आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है और न ही इस तरह की चोरी की प्लानिंग करने का कोई तजुर्बा का खुलासा हुआ है.
ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि चोरी की प्लानिंग आखिर किस के कहने पर शुरू की. पुलिस इस चंदा चोरी कांड के मास्टर माइंड की पुलिस तलाश कर रही है.
संपत्तियों की जांच कर रही पुलिस
सूत्रों का कहना है कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच आगे बढ़ने पर, अयोध्या पुलिस ने आरोपियों के जमीन और बैंक रिकॉर्ड हासिल कर लिए हैं और जांच कर रही है कि क्या ये संपत्तियां “अपराध की कमाई” हैं.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्होंने राजस्व विभाग से आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों की जमीन के टुकड़ों के रिकॉर्ड मांगे थे. पुलिस को अब तक विभाग से लगभग 20 ज़मीन के टुकड़ों के रिकॉर्ड मिल चुके हैं और वे अभी उन्हें वेरिफाई कर रहे हैं.
पुलिस के मुताबिक, जिन तारीखों पर ये प्रॉपर्टी खरीदी गईं और जिन तारीखों पर आरोपी राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े, ये जरूरी बातें हैं जिनकी अभी वेरिफाई की जा रही है. सूत्रों ने कहा कि अगर प्रॉपर्टी आरोपियों के राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ने के बाद खरीदी गईं, तो एडमिनिस्ट्रेशन उन्हें “अपराध की कमाई” मान सकता है.
पुलिस ने चार पहिया गाड़ी की थी जब्त
इससे पहले शुक्रवार को, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, अयोध्या पुलिस ने एक चार पहिया गाड़ी जब्त की, और उसे “अपराध की कमाई” बताया. जांचकर्ताओं ने शुक्रवार को उस जगह का भी पता लगाया, जहां माना जा रहा है कि आरोपियों ने चोरी के पैसे आपस में बांटे थे.
पुलिस रिमांड के दौरान, शुक्ला को अयोध्या में 14कोसी परिक्रमा रूट के पास एक जगह पर ले जाया गया, जहां उसने कथित तौर पर कैश के बंटवारे के लिए इस्तेमाल की गई सही जगह की पहचान की.
जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि चोरी के बाद अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, कमलेश पांडे और टीनू यादव समेत आठ आरोपी कथित तौर पर इसी जगह पर चोरी के चंदे का बंटवारा करने के लिए इकट्ठा हुए थे. सूत्रों ने आगे कहा कि पुलिस अधिकारियों ने मौके पर अविनाश शुक्ला से पूछताछ की. कहा जाता है कि उसने मौके पर घटनाओं के क्रम को फिर से बनाया.
कैश का हुआ था बंटवारा
सूत्रों ने कहा कि उसने यह भी बताया कि ग्रुप के सदस्यों के बीच पैसे कैसे बांटे गए. सूत्रों ने कहा कि उस जगह का इस्तेमाल न केवल चोरी के कैश को बांटने के लिए किया गया था, बल्कि अपराध से जुड़ी कीमती चीजों को छिपाने के लिए भी किया गया था.
अविनाश शुक्ला के खुलासे पर कार्रवाई करते हुए, जांचकर्ताओं ने कथित तौर पर उसी जगह के पास छिपी एक कीमती चीज बरामद की. अधिकारियों ने अभी तक बरामद चीज की प्रकृति का खुलासा नहीं किया है. हालांकि, माना जा रहा है कि यह एक महत्वपूर्ण सबूत है जो अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूत कर सकता है.
इस रिकवरी से इन्वेस्टिगेटर्स को कथित साजिश के बारे में नई लीड मिली हैं. जांच टीम चोरी की गई प्रॉपर्टी के मूवमेंट और हर आरोपी की भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही है. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या और सबूत या कीमती सामान छिपा हुआ है और रिमांड के दौरान दिए गए बयानों को वेरिफाई कर रही है.
चंदा चोरी मामले की जांच तेज
हाईप्रोफाइल राम मंदिर डोनेशन चोरी केस की जांच जारी है, अधिकारियों से उम्मीद है कि वे बाकी आरोपियों से पूछताछ करेंगे और कोर्ट में आगे की सबमिशन फाइल करने से पहले बरामद सबूतों को एनालाइज करेंगे. मंदिर में कथित चोरी के लिए कुल आठ आरोपियों पर केस दर्ज किया गया था, और बाद में सभी को गिरफ्तार कर लिया गया.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत के आधार पर अयोध्या कोटवाली पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी. केस में नामजद लोगों में रामशंकर यादव, ट्रस्ट के कर्मचारी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा और अविनाश शुक्ला; और रिटायर्ड बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं. तीन सदस्यों वाली SIT द्वारा अपनी शुरुआती रिपोर्ट में कई लेवल पर कई गड़बड़ियों को बताने के तुरंत बाद केस फाइल किया गया.




