नोएडाः गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने नोएडा में श्रमिक आंदोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सत्यम वर्मा और आकृति मजदूर बिगुल दस्ता के सक्रिय सदस्य हैं और हिंसक गतिविधियों में उनकी अहम भूमिका सामने आई है।

जांच में पुलिस को मिले अहम सबूत
नोएडा में पिछले दिनों श्रमिक धरना-प्रदर्शन के दौरान हिंसा, आगजनी और अराजकता की घटनाएं हुई थीं। इस संबंध में कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले, जिनसे पता चला कि दोनों आरोपियों ने लोगों को भड़काने, भीड़ जुटाने और लोक व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई थी।
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। कमिश्नरेट ने कहा कि जनसुरक्षा, कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
श्रमिकों की सैलरी बढ़ी
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बता दें कि नोएडा में प्रदर्शन के बाद सरकार ने गौतमबुद्ध नगर और गाज़ियाबाद के मज़दूरों के लिए अंतरिम न्यूनतम मज़दूरी में लगभग 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। नोएडा और गाज़ियाबाद में अकुशल मज़दूरों के लिए अंतरिम मज़दूरी 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये, अर्ध-कुशल मज़दूरों के लिए 12,445 रुपये से बढ़ाकर 15,059 रुपये और कुशल मज़दूरों के लिए 13,940 रुपये से बढ़ाकर 16,868 रुपये कर दी गई थी। ये अंतरिम दरें 1 अप्रैल से लागू हैं। प्रदेश के जिन ज़िलों में नगर निगम हैं, वहां अकुशल मज़दूरों की मासिक मज़दूरी बढ़ाकर 13,006 रुपये, अर्ध-कुशल मज़दूरों की 14,306 रुपये और कुशल मज़दूरों की 16,025 रुपये कर दी गई है।
रिपोर्ट- राहुल ठाकुर





