गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान से राहत पाने के लिए लोग कूलर, पंखे और एसी का इस्तेमाल अधिक करते हैं। एसी घर को तेजी से ठंडा करने में मदद करता है, लेकिन इसके लगातार इस्तेमाल से बिजली की खपत काफी बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर हमारी जेब पर पड़ता है। हालांकि, आप बिना बिजली के भी एसी चला सकते हैं। दरअसल, बिजली बचाने के लिए सोलर एनर्जी को लोग तेजी से अपना रहे हैं।
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आप सोलर सिस्टम से भी एसी चला सकते हैं। यह लंबे समय में काफी किफायती भी साबित हो सकता है। सोलर पैनल सूरज की रोशनी से बिजली बनाते हैं, जिससे आप दिन के समय एसी सहित कई घरेलू उपकरण आसानी से तला सकते हैं। सही क्षमता वाला सोल सिस्टम लगाने पर बिजली के बिल में बड़ी बचत की जा सकती है। हालांकि, एसी को सोलर पर चलाने से पहले यह समझना बेहद जरूरी है कि आपके एसी की क्षमता कितनी है और उसके अनुसार कितने किलोवाट का सोलर सिस्टम लगवाना चाहिए। दरअसल, एसी के टन के अनुसार बिजली की खपत अलग-अलग होती है। उसी के हिसाब से सोलर पैनलों की संख्या, बैटरी और इन्वर्टर की क्षमता तय की जाती है।
1 टन की एसी के लिए
1 टन का एसी सामान्य तौर पर लगभग 900 वॉट से 1300 वॉट तक बिजली की खपत करता है। अगर यह इन्वर्टर एसी है, तो बिजली की खपत थोड़ी कम हो सकती है, जबकि नॉन-इन्वर्टर एसी अधिक बिजली इस्तेमाल करता है। ऐसे एसी को सोलर पर चलाने के लिए आमतौर पर 1.5KW से 2KW क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया जाता है। इस क्षमता के सोलर सिस्टम में लगभग 4 से 5 सोलर पैनल लग सकते हैं, अगर हर पैनली की क्षमता 400 से 550 वॉट के बीच हो। इसके साथ एक अच्छा सोलर इन्वर्टर और जरूरत पड़ने पर बैटरी भी लगाई जाती है। इससे एसी के साथ पंखा, टीवी और कुछ लाइट्स जैसे छोटे उपकरण भी चलाया जा सकता है।
1.5 टन एसी के लिए सोलर सिस्टम
भारतीय घरों में ज्यादातर 1.5 टन एसी का इस्तेमाल किया जाता है। यह एसी औसतन 1500 वॉट से 2000 वॉट तक बिजली की खपत कर सकता है। ऐसे एसी को सोलर से चलाने के लिए लगभग 2.5KW से 3KW तक का सोलर सिस्टम बेहतर माना जाता है। इस तरह के सिस्टम में आमतौर पर 6 से 8 सोलर पैनल लगाए जाते हैं। इसके अलावा हाई-कैपेसिटी सोलर इन्वर्टर और बैटरी बैकअप की भी जरूरत पड़ सकती है। 3KW का सोलर पैन सिस्टम एसी के साथ फ्रिज, कूलर, पंखे, वॉशिंग मशीन और घर के कई अन्य उपकरणों को भी सपोर्ट कर सकता है।
2 टन के लिए सोलर सिस्टम
2 टन की एसी बिजली खपत काफी ज्यादा करती गै। यह सामान्य तौर पर 2000 वॉट से 3000 वॉट तक बिजली खपत कर सकती है। ऐसे में इसके लिए 3.5KW से 5KW तक का सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं। इस क्षमता के सोलर सिस्टम में करीब 8-12 सोलर पैनल लगाए जा सकते हैं। इसके साथ हाई-पावर सोलर इन्वर्टर और मजबूत बैटरी बैकअप सिस्टम भी जरूरी होता है। होता है।





