E20 पेट्रोल को लेकर देश में चल रही चर्चा के बीच मारुति सुजुकी ने एक अहम बयान दिया है. कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने कहा कि E10 पेट्रोल के लिए बनी कारों में भी E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से अब तक कोई बड़ी तकनीकी समस्या सामने नहीं आई है.उन्होंने बताया कि कई लोग यह चिंता जता रहे हैं कि पुरानी गाड़ियों में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का असर इंजन या उसके पुर्जों पर पड़ सकता है, लेकिन कंपनी के एक्सपीरियंस और आंकड़े कुछ और ही कहानी बताते हैं.

भारत में लगभग 2.84 करोड़ कारें मौजूद थी
राहुल भारती ने जानकारी दी कि साल 2023 में जब को देश में लागू किया गया, उस समय भारत में लगभग 2.84 करोड़ कारें मौजूद थीं. इनमें से करीब 1.83 करोड़ वाहन ऐसे थे, जो 2023 से पहले बनाए गए थे. इसके अलावा लगभग 1.5 करोड़ कारें काफी पुरानी कैटेगरी में आती थीं.इन बड़े आंकड़ों के बावजूद अब तक E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इन वाहनों में किसी भी तरह की बड़ी तकनीकी खराबी या सिस्टम फेलियर का मामला सामने नहीं आया है. कंपनी का कहना है कि वास्तविक उपयोग के आधार पर भी इस ईंधन को लेकर कोई गंभीर समस्या दर्ज नहीं की गई है.
कई स्तरों पर टेस्टिंग किया गया
ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक, को लागू करने से पहले कई स्तरों पर टेस्टिंग किए गए थे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह मौजूदा वाहनों के साथ सुरक्षित तरीके से काम कर सके, इसी वजह से इसे धीरेधीरे बाजार में लाया गया.हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि अलगअलग गाड़ियों की उम्र, मेंटेनेंस और तकनीकी स्थिति के आधार पर माइलेज और परफॉर्मेंस में हल्का अंतर देखने को मिल सकता है, लेकिन यह किसी बड़े नुकसान का संकेत नहीं है.
कंपनी का बयान
मारुति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब E20 पेट्रोल को लेकर माइलेज कम होने और इंजन पर असर जैसे सवाल लगातार उठ रहे हैं. कंपनी का दावा है कि वास्तविक अनुभव और बड़े पैमाने के डेटा के आधार पर पुरानी गाड़ियों में भी कोई गंभीर समस्या नहीं देखी गई है.




