देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी देखने को मिल रही है और लोग बेसब्री से मानसून का इंतजार कर रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में बारिश की शुरुआत हो सकती है, जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन कार चलाने वालों के लिए नई परेशानी भी सामने आ सकती है.

हवा में नमी काफी बढ़ जाती है
के दौरान हवा में नमी काफी बढ़ जाती है. इसी वजह से कार के अंदर और बाहर के तापमान में अंतर बनने लगता है, जिससे शीशों पर धुंध जम जाती है. कई बार यह धुंध इतनी ज्यादा हो जाती है कि ड्राइवर को आगे का रास्ता साफ दिखाई देना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में गाड़ी चलाना जोखिम भरा हो सकता है.
इस समस्या से निपटने के लिए लोग अक्सर कार का एसी चालू कर देते हैं, लेकिन यहां एक बड़ी गलती हो जाती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक लगभग 90% लोग बारिश के मौसम में AC का गलत मोड इस्तेमाल करते हैं. ज्यादातर लोग सिर्फ कूलिंग मोड ही चालू रखते हैं, जिससे समस्या कम होने के बजाय और बढ़ सकती है.
सही AC मोड क्या है?
जब बारिश के दौरान कार की या खिड़कियों पर धुंध जमने लगे, तो सबसे पहले AC की सेटिंग बदलनी चाहिए. कार में दिए गए रिकर्कुलेशन मोड को बंद करना जरूरी होता है. इसके बाद फ्रेश एयर मोड को ऑन करना चाहिए.
इस मोड में कार बाहर की ताजी हवा को अंदर आने देती है. इससे केबिन के अंदर और बाहर के तापमान का अंतर कम हो जाता है. जैसे ही तापमान का बैलेंस बनता है, वैसे ही शीशों पर जमी धुंध धीरेधीरे साफ होने लगती है और विजिबिलिटी बेहतर हो जाती है. इस फीचर को पहचानने के लिए डैशबोर्ड पर बने उस बटन को देखें जिसमें बाहर से अंदर आती हवा का निशान होता है.
डिफॉगर का सही उपयोग
बारिश के मौसम में सिर्फ AC ही नहीं, बल्कि डिफॉगर का सही इस्तेमाल भी बहुत जरूरी होता है. अधिकतर कारों में फ्रंट और रियर डिफॉगर का विकल्प दिया जाता है.फ्रंट डिफॉगर को ऑन करने पर AC की हवा सीधे सामने वाले शीशे की तरफ जाती है. इससे विंडशील्ड पर जमी भाप और धुंध जल्दी साफ हो जाती है और आगे का रास्ता स्पष्ट दिखने लगता है.
अगर आपकी कार में रियर डिफॉगर है, तो उसे भी चालू करना चाहिए. यह पीछे वाले शीशे को हल्का गर्म करता है, जिससे वहां जमी नमी और धुंध हट जाती है और पीछे आने वाला ट्रैफिक साफ दिखाई देता है.
सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं
मानसून में सबसे आम गलती यह होती है कि लोग AC का तापमान बहुत कम, जैसे 16 या 18 डिग्री पर सेट कर देते हैं. ऐसा करने से कार के अंदर का शीशा बहुत ज्यादा ठंडा हो जाता है, जबकि बाहर की नमी उस पर जमने लगती है. इससे धुंध और बढ़ जाती है और दृश्यता और खराब हो जाती है.मानसून में कार का तापमान लगभग 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना सबसे सही होता है. इस सेटिंग से न तो केबिन बहुत ठंडा होता है और न ही शीशों पर धुंध जमती है. साथ ही कार के अंदर उमस भी कम हो जाती है.




