PBKS vs DC मुकाबले में IPL इतिहास का बेहद दुर्लभ रिकॉर्ड देखने को मिला, जहां पूरे मैच में एक भी स्पिन गेंदबाज ने गेंदबाजी नहीं की।

PBKS vs DC, No balls bowled by spinners: आईपीएल में अक्सर बल्लेबाजों की विस्फोटक पारियां, हैट्रिक और रोमांचक मुकाबले चर्चा में रहते हैं। लेकिन धर्मशाला में पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले गए मुकाबले में एक ऐसा रिकॉर्ड बना, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। इस मैच में दोनों टीमों की ओर से एक भी स्पिन गेंदबाज को गेंदबाजी के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया।
आईपीएल के 19वें सीजन में सामने आया ये रिकॉर्ड बेहद दुर्लभ है। 18 साल पुराने टूर्नामेंट के इतिहास में ऐसा सिर्फ दूसरी बार देखने को मिला, जब पूरे मैच में सिर्फ तेज गेंदबाजों ने ही गेंदबाजी की। धर्मशाला की परिस्थितियों ने कप्तानों को ऐसा फैसला लेने पर मजबूर किया, जिसका नतीजा अब आईपीएल के रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया है।
PBKS vs DC मैच में स्पिनर्स को नहीं मिला एक भी ओवर
पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले गए इस मुकाबले (PBKS vs DC) में दोनों टीमों ने कुल 10 गेंदबाजों का इस्तेमाल किया, लेकिन हैरानी की बात ये रही कि इनमें एक भी स्पिनर शामिल नहीं था। पूरे 39 ओवर सिर्फ तेज गेंदबाजों ने फेंके। धर्मशाला की पिच पर मिल रही स्विंग और सीम मूवमेंट को देखते हुए दोनों कप्तानों ने स्पिनर्स की बजाय पेस अटैक पर भरोसा जताया और यही फैसला मैच का सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन गया।
Only the second match in IPL history without a single over of spin bowling (without any reduction in overs)
The first one came way back in the first season in 2008
— Shubh Agarwal (@shubh_chintak) May 11, 2026
Khabar Monkey
18 साल पहले CSK vs RCB मैच में पहली बार हुआ था ऐसा
आईपीएल इतिहास में इससे पहले ऐसा सिर्फ एक बार देखने को मिला था। साल 2008 में चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच खेले गए मुकाबले में भी स्पिनर्स ने एक भी गेंद नहीं फेंकी थी। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए उस मैच में दोनों टीमों ने कुल 39.4 ओवर गेंदबाजी की थी और सभी ओवर तेज गेंदबाजों ने डाले थे। अब करीब 18 साल बाद धर्मशाला में वही रिकॉर्ड दोहराया गया है।
PBKS vs DC: तेज गेंदबाजों के लिए मददगार रही धर्मशाला की पिच
धर्मशाला की पिच लंबे समय से तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती रही है। ऊंचाई वाले इस मैदान पर नई गेंद को अतिरिक्त बाउंस और स्विंग मिलती है, जिसका फायदा गेंदबाजों ने इस मुकाबले में भी उठाया। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने भी मैच के बाद माना कि परिस्थितियां पूरी तरह तेज गेंदबाजों के अनुकूल थीं, इसलिए स्पिनर्स को गेंदबाजी के लिए नहीं बुलाया गया।





