DharamViral

Panchak Upay: आज से शुरू हुआ रोग पंचक, अगले 5 दिन स्वास्थ्य पर पड़ सकते हैं भारी, जानें बचाव के अचूक उपाय

Panchak 2026: आज यानी 10 मई से पंचक शुरू हो गए हैं जो कि अगले पांच दिनों तक रहेगा। 15 मई 2026 को रोग पंचक समाप्त होगा। बता दें कि हिंदू धर्म में पंचक को अशुभ समय माना गया है। पंचक के दौरान कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। आपको बता दें कि पंचक कितना खतरनाक है यह सप्ताह के दिन पर निर्भर करता है। यह पंचक रविवार से शुरू हो रहा है इसलिए इसे रोग पंचक कहा जाएगा। रोग पंचक के दौरान व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। तो आइए जानते हैं कि रोग पंचक के दौरान क्या उपाय करने चाहिए, जिससे इसके दुष्प्रभावों से बचा जा सकें।

Panchak Upay: आज से शुरू हुआ रोग पंचक, अगले 5 दिन स्वास्थ्य पर पड़ सकते हैं भारी, जानें बचाव के अचूक उपाय
Panchak Upay: आज से शुरू हुआ रोग पंचक, अगले 5 दिन स्वास्थ्य पर पड़ सकते हैं भारी, जानें बचाव के अचूक उपाय

पंचक के विशेष उपाय

  1. महामृत्युंजय मंत्र का जाप- रोग पंचक के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। मंत्र है- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ महामृत्युंजय का जाप करने स्वास्थ्य समस्याओं से खतरा कम होता है।

  2. सूर्य देव को अर्घ्य- रोग पंचक के दौरान रोजाना सुबह के समय तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन और रोली डालकर सूर्य देव को जल अर्पित करें। इससे व्यक्ति आरोग्य की प्राप्ति होती है।

  3. दान- रोग पंचक के दौरान गुड़, गेहूं या तांबे की वस्तुओं का दान करें। इन चीजों का दान करना शुभ और फलदायी माना जाता है।

  4. हनुमान चालीसा- रोग पंचक में हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ होता है।  पंचक के कष्टों को दूर करने के लिए रोजाना हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें।

पंचक के दौरान कौनसे कार्य वर्जित होते हैं?

  • पंचक में लकड़ी इक्ट्ठा करना अशुभ माना जाता है। इस दौरान कोई भी कार्य के लिए लकड़ी इकट्ठा न करें।
  • पंचक के दौरान नया बेड या चारपाई नहीं बुनवाना चाहिए।
  • पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए। इस दिशा को यम की दिशा माना गया है।
  • पंचक के दौरान घर या किसी भी इमारत की छत डालना वर्जित होता है।
  • यदि इस दौरान किसी की मृत्यु हो जाए, तो अंतिम संस्कार के समय शव के साथ 5 पुतले (कुश या आटे के) बनाकर जलाने का विधान है ताकि पंचक दोष समाप्त हो सके।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

Khabar Monkey

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply