अप्रैल से सितंबर-अक्टूबर तक पूरे भारत में जबरदस्त गर्मी पड़ती है। इन दिनों बिना एसी के रहना बहुत मुश्किल है। ऐसे में अगर एसी में कोई खराबी आ जाए तो जीना ही दूभर हो जाता है। कई बार मैकेनिक एसी में छोटी-मोटी दिक्कत भी होती है तो आपको नया एसी लेने की सलाह दे देते हैं। खास तौर पर कूलिंग क्वॉइल में खराबी आने के बाद आपको मैकेनिक नए एसी लेने के लिए कहते हैं। क्या आपको ऐसे में नया एसी खरीदना चाहिए?

फॉलो करें 50% का नियम
एसी में किसी तरह की दिक्कत आने पर अगर आफको क्विक फैसला लेना है तो 50% का नियम अपनाना चाहिए यानी अगर एसी की रिपेयरिंग कॉस्ट 40 से 50 प्रतिशत तक आ रहा है, तो नया एसी खरीदने में ही भलाई है। Split AC में इंडोर और आउटडोर दोनों यूनिट्स में कूलिंग क्वॉइल लगे होते हैं। किसी भी यूनिट के कूलिंग क्वॉइल में लीकेज आती है, तो इसे रिपेयर करने में अच्छा-खासा खर्च आ जाता है। हालांकि, यह एसी के एज पर भी निर्भर करता है।
आम तौर पर कूलिंग क्वॉइल लीकेज रिपेयर करने में आपको 1,000 रुपये से 2,500 रुपये तक का खर्च आ जाता है। वहीं, कूलिंग क्वॉइल बदलने में 10,000 रुपये तक का खर्च आ सकता हैं। विंडो एसी में यह खर्च तकरीबन 8,000 रुपये तक का होता है। इसके अलावा गैस रिफिलिंग कॉस्ट करीब 3,000 रुपये तक का आता है। इस तरह से आपको कुल 13,000 रुपये तक का खर्च आ जाता है।
कब लें नया एसी?
अगर, आपका एसी 5 साल या इससे ज्यादा पुराना है तो कूलिंग क्वॉइल बदलवाने में फायदा नहीं है। ऐसे में आपको नया एसी खरीद लेना चाहिए क्योंकि कूलिंग क्वॉइल के अलावा एसी के अन्य कंपोनेंट्स जैसे कि पीसीबी और कंप्रेसर भी पुराने हो जाते हैं। वहीं, अगर एसी नया है तो फिर उसमें कूलिंग क्वॉइल रिपेयर कराने में ही फायदा है।
कई बार छोटी लीकेज बिना कूलिंग क्वॉइल बदले ही ठीक हो जाती है। ऐसे में आपका खर्चा और भी कम आ सकता है। वहीं, एसी अगर बार-बार खराब हो रहा है और उसमें गैस लीकेज की समस्या आती है तो आपको फिर नया एसी लेने में ही फायदा है।
Khabar Monkey
एसी में अगर, किसी भी तरह की दिक्कत आती है तो ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर से ही इसे रिपेयर कराएं। एसी अगर वारंटी में है तो आपके रिपेयर और रिप्लेसमेंट के खर्च बच सकते हैं। लोकल मैकेनिक पर भरोसा करने पर आपको नुकसान भी हो सकता है।
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