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कभी हीरो-हीरोइन के कपड़े बनाने वालीं अग्निमित्रा बनने जा रही हैं बंगाल की डिप्टी सीएम, इतनी दौलत की हैं मालकिन

Agnimitra Paul Net worth:पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़े बदलाव की तस्वीर साफ हो गई है. शुभेंदु अधिकारी राज्य के नए मुख्यमंत्री की कमान संभालने जा रहे हैं, वहीं उनके साथ निसिथ प्रमाणिक और अग्निमित्रा पॉल को उपमुख्यमंत्री पद की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. विधायक दल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में इन नामों पर मुहर लग चुकी है. कल होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले आम जनता के बीच इस नए नेतृत्व को लेकर जबरदस्त चर्चा है. इन सबमें सबसे ज्यादा ध्यान अग्निमित्रा पॉल खींच रही हैं. एक सफल फैशन डिजाइनर से बंगाल की डिप्टी सीएम बनने जा रही अग्निमित्रा का उनका सफर जितना दिलचस्प है, उतनी ही उत्सुकता लोगों में उनकी कुल संपत्ति (नेटवर्थ) को लेकर है.

कभी हीरो-हीरोइन के कपड़े बनाने वालीं अग्निमित्रा बनने जा रही हैं बंगाल की डिप्टी सीएम, इतनी दौलत की हैं मालकिन
कभी हीरो-हीरोइन के कपड़े बनाने वालीं अग्निमित्रा बनने जा रही हैं बंगाल की डिप्टी सीएम, इतनी दौलत की हैं मालकिन

करोड़ों की संपत्ति की हैं मालकिन

2026 के हलफनामे के मुताबिक, अग्निमित्रा पॉल की कुल नेटवर्थ लगभग 3.9 करोड़ रुपये है. उनकी इस दौलत को अगर हिस्सों में बांट कर देखें, तो उनके पास करीब 2.6 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है, जिसमें बैंक डिपॉजिट, निवेश और अन्य लिक्विड एसेट्स शामिल हैं. इसके अलावा 1.3 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति उनके नाम पर दर्ज है. हालांकि, इस आर्थिक प्रोफाइल में एक और पहलू है; उनके ऊपर करीब 1.2 करोड़ रुपये की देनदारियां (लायबिलिटीज) भी हैं.

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डिजाइनिंग स्टूडियो से सियासत के अखाड़े तक

अग्निमित्रा पॉल का जन्म 25 नवंबर 1974 को आसनसोल के एक ऐसे परिवार में हुआ, जिसका नाता शिक्षा और चिकित्सा जगत से रहा है. उनके पिता डॉ. अशोक रॉय इलाके के एक जाने-माने डॉक्टर थे. लोरेटो कॉन्वेंट से शुरुआती पढ़ाई के बाद उन्होंने 1994 में विज्ञान में स्नातक किया और फिर 1997 में फैशन डिजाइनिंग में डिप्लोमा हासिल कर अपना खुद का ब्रांड INGA लॉन्च किया. नब्बे के दशक के अंत तक वह कोलकाता की टॉप डिजाइनर्स में शुमार हो चुकी थीं. उन्होंने श्रीदेवी, मिथुन चक्रवर्ती और काजोल जैसे दिग्गज बॉलीवुड सितारों के लिए कपड़े डिजाइन किए. लेकिन पेशेवर सफलता के बीच उन्हें जमीनी हकीकत से कटाव महसूस हुआ, जिसने उन्हें समाज के लिए कुछ ठोस करने और राजनीति की तरफ रुख करने के लिए प्रेरित किया.

2019 में अग्निमित्रा ने थामा था भाजपा का दामन

साल 2019 में अग्निमित्रा ने आधिकारिक तौर पर भाजपा का दामन थामा. पार्टी ने उनके नेतृत्व कौशल को पहचानते हुए उन्हें महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष और फिर जनवरी 2026 में प्रदेश इकाई का उपाध्यक्ष बनाया. 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने आसनसोल दक्षिण सीट से खुद को ‘भूमिपुत्री’ के रूप में पेश किया और तृणमूल कांग्रेस की सायोनी घोष को एक कड़े मुकाबले में शिकस्त दी. बतौर विधायक उन्होंने अवैध बालू खनन और अतिक्रमण जैसे आर्थिक और प्रशासनिक मुद्दों पर सरकार को जमकर घेरा. हालांकि, इस बीच उन्हें आसनसोल उपचुनाव और मिदनापुर लोकसभा चुनाव में हार का सामना भी करना पड़ा, लेकिन पश्चिम बर्द्धमान क्षेत्र में औद्योगिक ठहराव और विकास के मुद्दों पर उनकी पकड़ कभी कमजोर नहीं हुई.

बंगाल में भाजपा का सबसे मुखर ‘महिला चेहरा’

पश्चिम बंगाल की राजनीति में महिला मतदाताओं की भूमिका हमेशा से निर्णायक रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने अग्निमित्रा पॉल को अपने सबसे निडर चेहरे के रूप में आगे किया. संदेशखाली जैसे संवेदनशील मामलों से लेकर महिलाओं के खिलाफ अपराध और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर उनका रुख बेहद आक्रामक रहा है. 2026 के चुनावों में भी उन्होंने स्थानीय औद्योगिक विकास और सुरक्षा को अपना मुख्य हथियार बनाया.

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