आजकल कई लोग OTT प्लेटफॉर्म, हेल्थ ऐप, एजुकेशन ऐप और दूसरे डिजिटल सब्सक्रिप्शन का 7 दिन या 30 दिन का फ्री ट्रायल लेते हैं. लेकिन कई बार यही फ्री ट्रायल बाद में महंगा पड़ जाता है. ट्रायल शुरू करते समय यूजर अनजाने में UPI AutoPay की मंजूरी दे देता है. इसके बाद ट्रायल खत्म होते ही हर महीने ₹199, ₹299, ₹499 या इससे ज्यादा रकम अपनेआप बैंक खाते से कटने लगती है.

बिना ध्यान दिए हर महीने कटने लगते हैं पैसे
विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर लोग ऐप की शर्तों और नियमों को पढ़े बिना ही ‘Agree’ या ‘Continue’ पर क्लिक कर देते हैं. इसी दौरान UPI Mandate भी मंजूर हो जाता है. चूंकि कटने वाली रकम अक्सर कम होती है, इसलिए कई लोगों को महीनों तक पता ही नहीं चलता कि उनके खाते से ऑटोडेबिट हो रहा है.
UPI Mandate क्या होता है?
UPI Mandate या UPI AutoPay ऐसी सुविधा है, जिसमें एक बार मंजूरी देने के बाद तय तारीख पर हर महीने या तय अंतराल पर बैंक खाते से अपनेआप भुगतान हो जाता है. इसका इस्तेमाल Netflix, OTT प्लेटफॉर्म, म्यूजिक ऐप, जिम, बीमा प्रीमियम और कई दूसरे सब्सक्रिप्शन के लिए किया जाता है. अगर किसी सेवा का इस्तेमाल बंद कर दिया जाए, लेकिन Mandate चालू रहे, तो खाते से पैसे कटते रहेंगे.
ऐसे चेक करें आपके नाम पर कितने AutoPay एक्टिव हैं
अगर आपको शक है कि आपके खाते से भी बिना जानकारी के पैसे कट रहे हैं, तो सभी एक्टिव UPI Mandate की जांच करना जरूरी है. इसके लिए NPCI के UPI Help पोर्टल पर जाकर आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन किया जा सकता है. यहां आपके सभी एक्टिव UPI Mandate दिखाई देंगे. जिनकी जरूरत नहीं है, उन्हें वहीं से रद्द या बंद किया जा सकता है.
अगर किसी Mandate को पोर्टल से हटाने का विकल्प न मिले, तो उसे संबंधित UPI ऐप जैसे PhonePe, Google Pay, BHIM या Paytm के AutoPay या Mandate सेक्शन में जाकर भी बंद किया जा सकता है.
इन बातों का रखें खास ध्यान
किसी भी ऐप का फ्री ट्रायल शुरू करने से पहले उसकी शर्तों को ध्यान से पढ़ें. अगर AutoPay की जरूरत नहीं है, तो उसे मंजूरी न दें. समयसमय पर अपने बैंक खाते और UPI Mandate की जांच करते रहें. अगर कोई पुराना सब्सक्रिप्शन इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो उसका AutoPay तुरंत बंद कर दें. छोटीछोटी ऑटोडेबिट रकम भी लंबे समय में आपकी जेब पर बड़ा असर डाल सकती है.




