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साबुन से लेकर बिस्किट तक, आपके ग्रॉसरी बिल बढ़ाने की तैयारी में FMCG कंपनियां; आम आदमी को लगेगा बड़ा झटका!

महंगाई से राहत की उम्मीद कर रहे आम लोगों को जल्द बड़ा झटका लग सकता है। आने वाले महीनों में साबुन, शैंपू, बिस्किट, पैकेट फूड, तेल और दूसरी रोजमर्रा की चीजें महंगी हो सकती हैं। देश की बड़ी FMCG कंपनियां बढ़ती लागत और कच्चे माल की कीमतों में तेजी के कारण प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं। डाबर इंडिया ने साफ संकेत दिए हैं कि अगले तिमाही में कीमतों में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। कंपनी का कहना है कि पैकेजिंग मटेरियल और अन्य इनपुट कॉस्ट लगातार बढ़ रही है। डाबर पहले ही मौजूदा तिमाही में करीब 4 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ा चुका है।

साबुन से लेकर बिस्किट तक, आपके ग्रॉसरी बिल बढ़ाने की तैयारी में FMCG कंपनियां; आम आदमी को लगेगा बड़ा झटका!
साबुन से लेकर बिस्किट तक, आपके ग्रॉसरी बिल बढ़ाने की तैयारी में FMCG कंपनियां; आम आदमी को लगेगा बड़ा झटका!

FMCG कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती लागत है। खाने के तेल, दूध से जुड़े प्रोडक्ट्स, प्लास्टिक पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और कच्चे माल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। इसके पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव भी बड़ा कारण माना जा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता ने कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया है। अगर क्रूड ऑयल लंबे समय तक महंगा रहता है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। इसका असर ट्रांसपोर्ट कॉस्ट से लेकर फैक्ट्री और पैकेजिंग खर्च तक हर जगह दिखाई देगा।

साबुन, बिस्किट और चाय-कॉफी पर असर

HUL, नेस्ले, ब्रिटानिया, ITC, मैरिको और गोदरेज कंज्यूमर जैसी बड़ी कंपनियों ने भी इनपुट कॉस्ट बढ़ने की चिंता जताई है। HUL के लिए चाय, पैकेजिंग और क्रूड ऑयल से जुड़े प्रोडक्ट्स महंगे हो रहे हैं। वहीं नेस्ले को कॉफी, दूध और पैकेजिंग लागत का दबाव झेलना पड़ रहा है। ब्रिटानिया और ITC जैसी कंपनियों के लिए गेहूं, दूध और खाने के तेल की बढ़ती कीमतें परेशानी बन सकती हैं। इसका सीधा असर बिस्किट, स्नैक्स और पैकेज्ड फूड की कीमतों पर पड़ सकता है।

Khabar Monkey

गांवों में बढ़ी मांग, लेकिन बढ़ सकती है महंगाई

अच्छी बात यह है कि गांवों और छोटे शहरों में FMCG प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ने लगी है। लंबे समय की सुस्ती के बाद कंपनियों को बिक्री में सुधार दिख रहा है। लेकिन इसी दौरान लागत बढ़ने से कंपनियों पर मुनाफा बचाने का दबाव बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हालात में कंपनियां या तो सीधे दाम बढ़ाएंगी, या फिर पैकेट का वजन कम कर सकती हैं। कई कंपनियां प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर ज्यादा फोकस भी कर सकती हैं।

आम आदमी की जेब पर बढ़ेगा बोझ

अगर आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं या मानसून कमजोर रहता है, तो महंगाई और बढ़ सकती है। इसका असर सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि घर के हर महीने के ग्रॉसरी बिल पर भी दिखाई देगा।

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