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‘‘हमें पैसे या भव्य स्वागत की जरूरत नहीं, सिर्फ इतना चाहते हैं…’’; थॉमस कप कांस्य पदक विजेता सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी का भावुक संदेश

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने हाल ही में थॉमस कप में कांस्य पदक जीतने पर स्वागत को लेकर दिए गए अपने बयान पर सफाई दी है। पिछले कुछ दिनों से उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया और खेल जगत में काफी चर्चा हो रही थी। अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी अन्य खिलाड़ी की उपलब्धि को कमतर दिखाना या व्यक्तिगत प्रसिद्धि हासिल करना नहीं था।

‘‘हमें पैसे या भव्य स्वागत की जरूरत नहीं, सिर्फ इतना चाहते हैं…’’; थॉमस कप कांस्य पदक विजेता सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी का भावुक संदेश
‘‘हमें पैसे या भव्य स्वागत की जरूरत नहीं, सिर्फ इतना चाहते हैं…’’; थॉमस कप कांस्य पदक विजेता सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी का भावुक संदेश

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने कहा कि वह हर उस खिलाड़ी का सम्मान करते हैं, जो किसी भी खेल में भारत का नाम रोशन करता है। उनका मूल संदेश सिर्फ इतना था कि देश में ऐसी संस्कृति विकसित होनी चाहिए, जहां हर उपलब्धि का सम्मान और स्वागत हो, चाहे वह छोटी हो या बड़ी।

खेल रत्न पुरस्कार विजेता सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने इसे लेकर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट शेयर की। उन्होंने X पर लिखा, ‘‘पिछले कुछ दिनों में थॉमस कप कांस्य पदक के स्वागत को लेकर मेरी हालिया टिप्पणियों पर काफी चर्चा हुई है। मैं मिले अपार समर्थन और प्रोत्साहन के लिए आभारी हूं।’’

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने लिखा, ‘‘हालांकि, मैं अपने विचारों को स्पष्ट करना चाहता हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि कई लोग मूल मुद्दे से भटक रहे हैं।मेरी बात का उद्देश्य व्यक्तिगत प्रसिद्धि पाना या किसी अन्य खिलाड़ी की उपलब्धियों का श्रेय कम करना नहीं था। मैं हर उस खिलाड़ी का अत्यंत सम्मान करता हूं, जो किसी भी खेल में भारत का नाम रोशन करता है।’’

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने लिखा, ‘‘मेरा संदेश बहुत सरल था। हमें ऐसी संस्कृति विकसित करनी चाहिए, जो हर जीत का स्वागत और सम्मान करे, चाहे वह बड़ी हो या छोटी। चाहे वह विश्व कप का पदक हो या थॉमस कप जैसे वैश्विक टूर्नामेंट में पोडियम फिनिश।’’

सात्विकसाईराज ने कहा, ‘‘ये पल वर्षों की मेहनत, त्याग और संघर्ष का परिणाम होते हैं। जब ऐसी उपलब्धियों पर सन्नाटा छा जाता है तो यह सिर्फ हमारे लिए ही नहीं, बल्कि उन आने वाली पीढ़ियों के भारतीय खिलाड़ियों के लिए भी निराशाजनक होता है, जो हमें देख रही हैं।’’

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने लिखा, ‘‘हमें पैसे या भव्य स्वागत की जरूरत नहीं है; हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि हमारा देश हमें देख रहा है और हमारी मेहनत को महसूस कर रहा है। आइए, हम सभी खेलों का समान जुनून और समान नजरिये से समर्थन करें।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘अगली बार यह चर्चा इस बात पर न हो कि किसने ज्यादा जीता या कम, बल्कि इस पर हो कि भारतीय जर्सी पहनने वाले हर खिलाड़ी का सम्मान कैसे किया जाए।’’ उन्होंने आभार जताते हुए लिखा, ‘‘मेरे साथ खड़े रहने के लिए आपका शुक्रिया। चलिए, अपने देश भारत के लिए खेलना जारी रखते हैं।’’

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