केंद्र सरकार ने एम्पलाई प्रोविडेंट फंड कर दी है. यह नई योजना अब 1952 की पुरानी EPF स्कीम की जगह ले चुकी है. नई स्कीम का मकसद PF सिस्टम को ज्यादा आसान, डिजिटल और पारदर्शी बनाना है. इससे देश के करीब 8 करोड़ EPFO सदस्यों को फायदा मिलने की उम्मीद है. अगर आप नौकरी करते हैं और हर महीने आपकी सैलरी से PF कटता है तो आपके मन में भी सवाल होगा कि क्या 1 लाख की सैलरी पर भी सिर्फ ₹1,800 कटेगा?

₹1 लाख की सैलरी पर कितना PF कटेगा?

नए नियम के अनुसार, अनिवार्य कर्मचारी PF योगदान केवल ₹15,000 की तय वेतन सीमा पर ही लागू होगा. इसका मतलब है कि 15,000 रुपये का 12% यानी ₹1,800 प्रति महीने जमा करना जरूरी रहेगा. अगर आपकी कंपनी अभी तक आपकी पूरी बेसिक सैलरी पर PF काट रही है, तो अब ₹1,800 से ज्यादा का योगदान स्वैच्छिक माना जाएगा. यानी आप चाहें तो ज्यादा PF जमा कर सकते हैं, लेकिन यह आपकी इच्छा पर निर्भर करेगा.

क्या कंपनी भी ज्यादा PF जमा करेगी?

अगर कर्मचारी ₹1,800 से ज्यादा PF जमा करता है, तो जरूरी नहीं कि कंपनी भी उतनी ही ज्यादा राशि जमा करे. कंपनी को अतिरिक्त योगदान तभी देना होगा, जब यह पहले से कंपनी की नीति या कॉन्ट्रैक्ट में तय हो. अन्यथा, कंपनी केवल कानून के अनुसार जरूरी योगदान ही करेगी.

PF की 12% दर में कोई बदलाव नहीं

नई EPF स्कीम 2026 में PF की योगदान दर नहीं बदली गई है. कर्मचारी पहले की तरह 12% योगदान देंगे. कंपनी भी 12% का योगदान करेगी. जिन संस्थानों में पहले से 10% PF लागू है, वहां पुराना नियम ही जारी रहेगा. यानी नई स्कीम में केवल यह स्पष्ट किया गया है कि कौनसा योगदान अनिवार्य है और कौनसा स्वैच्छिक.

PF निकालने के नियम भी हुए आसान

नई स्कीम में PF निकालने के नियमों को भी आसान बनाया गया है. अब कई अलगअलग नियमों की जगह सिर्फ तीन मुख्य श्रेणियां बनाई गई हैं. कर्मचारी इन परिस्थितियों में PF का कुछ हिस्सा निकाल सकेंगे. इसमें गंभीर बीमारी या इलाज, बच्चों की पढ़ाई और शादी, घर खरीदने, बनाने या मरम्मत कराने के लिए और अन्य विशेष परिस्थितियों में तय शर्तों के अनुसार पैसा निकाल सकेंगे. इससे कर्मचारियों के लिए नियम समझना पहले की तुलना में आसान होगा.