क्या आपने हाल ही में अपना HbA1c टेस्ट कराया है और रिपोर्ट में 8.1 का आंकड़ा देखकर आप चिंतित हैं? मेडिकल भाषा में यह नंबर इशारा करता है कि पिछले तीन महीनों में आपकी ब्लड शुगर लगातार हाई रही है। इसे केवल एक ‘रीडिंग’ समझकर नजरअंदाज करना आपके शरीर के जरूरी अंगों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। लेकिन घबराएं नहीं, सही रणनीति और डॉक्टरी सलाह से इस ‘रेड जोन’ से बाहर निकला जा सकता है।

डॉ. मोहन डायबिटीज स्पेशलिटी सेंटर, चेन्नई के अध्यक्ष डॉ. मोहन ने बताया जिन लोगों की HbA1c रिपोर्ट हाई है वो तुरंत अपने लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव करें। लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव करके और तनाव को कम करके आप HbA1c को नॉर्मल कर सकते हैं। कुछ रूल्स ऐसे है जिन्हें अपनाकर आप आसानी से अपने फास्टिंग शुगर से लेकर खाने के बाद तक के शुगर के स्तर को नॉर्मल कर सकते हैं और HbA1c भी नॉर्मल हो सकता हैं। आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स के बताए वो 8 प्रभावी कदम जो आपकी शुगर को वापस पटरी पर ला सकते हैं।
हाई ब्लड शुगर कैसे नुकसान पहुंचाती है?
हाई ब्लड शुगर सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि शरीर के कई अहम अंगों के लिए खतरे की घंटी है। लंबे समय तक शुगर लेवल बढ़ा रहने से नसों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे न्यूरोपैथी जैसी समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं, यह आंखों की रोशनी पर भी असर डाल सकती है और दिल व किडनी की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते ब्लड शुगर को कंट्रोल किया जाए।
हाई HbA1c लेवल की श्रेणी
| HbA1c (%) | स्थिति (Condition) |
| 5.7–6.4% | प्री-डायबिटीज़ (Prediabetes) |
| 6.5%–7.0% | डायबिटीज़ की शुरुआत (Early Diabetes) |
| 7.1%–8.0% | शुगर नियंत्रण में नहीं (Uncontrolled Diabetes) |
| 8.1%–9.9% | खतरनाक स्तर (High Risk) |
| 10% या अधिक | बहुत ज़्यादा हाई – अंगों को नुकसान की आशंका |
ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए अपनाएं ये स्मार्ट आदतें
हाई ब्लड शुगर को नजरअंदाज करना शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है। अगर आपका शुगर लेवल लगातार बढ़ा हुआ है, तो डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव बेहद जरूरी है। यहां कुछ आसान और असरदार उपाय दिए गए हैं जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।
सफेद चावल का सेवन सीमित करें
सफेद चावल में हाई कार्बोहाइड्रेट होता है, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। इसे पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं, लेकिन मात्रा कम रखें और संतुलित डाइट में शामिल करें। हार्वर्ड के शोधकर्ताओं ने 3.5 लाख से अधिक लोगों पर 20 साल तक अध्ययन किया। रिसर्च में पाया गया कि जो लोग रोजाना सफेद चावल का अधिक सेवन करते हैं, उनमें टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 27% तक बढ़ जाता है। इसका हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा करता है।
नाश्ता कभी स्किप न करें
सुबह का नाश्ता छोड़ने से शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव हो सकता है। इससे बाद में ज्यादा भूख लगती है और ओवरईटिंग का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए हेल्दी ब्रेकफास्ट जरूर लें। एक बड़े मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि नाश्ता छोड़ने वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज होने की संभावना 33% अधिक होती है।
फाइबर से भरपूर डाइट लें
सलाद, हरी सब्जियां, फल और अंकुरित अनाज जैसे फाइबर रिच फूड्स ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं और उसे नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। The Lancet में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, प्रति दिन 25-30 ग्राम फाइबर खाने से शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल दोनों कम होते हैं। घुलनशील फाइबर पेट में जेल जैसा पदार्थ बनाता है, जो शुगर के अवशोषण (Absorption) को धीमा कर देता है।
समय पर और थोड़ा-थोड़ा खाएं
एक बार में ज्यादा खाने के बजाय हर 3–4 घंटे में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएं। इससे शुगर लेवल स्थिर रहता है और अचानक स्पाइक नहीं होता।कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की रिसर्च बताती है कि भोजन की मात्रा (Portion size) को छोटा करने और इसे अंतराल में बांटने से पोस्टमैन्ड्रियल ग्लूकोज यानी खाने के बाद की शुगर में अचानक होने वाले उछाल को रोका जा सकता है।
लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स चुनें
डाइट में ब्रोकोली, भिंडी, ओट्स, बीन्स, दालें, चिया सीड्स, अलसी, जामुन, एवोकाडो, अंडे और मछली जैसे फूड्स शामिल करें। ये धीरे-धीरे शुगर रिलीज करते हैं। JAMA में प्रकाशित शोध के अनुसार, लो GI डाइट जैसे ओट्स, बीन्स, दालें लेने वाले मरीजों का HbA1c स्तर उन लोगों की तुलना में काफी कम रहा जिन्होंने हाई GI डाइट ली।
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इन चीजों से दूरी बनाएं
शुगर वाले ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड स्नैक्स और जंक फूड से बचें। अगर भूख लगे तो हेल्दी ऑप्शन जैसे नट्स या सीड्स लें, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं।
रोजाना 45 मिनट वॉक करें
फिजिकल एक्टिविटी ब्लड शुगर कंट्रोल करने का सबसे आसान तरीका है। रोज 45 मिनट चलना फायदेमंद है। खाने के बाद 10 मिनट की हल्की वॉक भी मदद करती है। डायबिटीज केयर’ जर्नल के अनुसार, एक्सरसाइज के दौरान मांसपेशियां ग्लूकोज का उपयोग ऊर्जा के रूप में करती हैं, जिससे इंसुलिन के बिना भी शुगर लेवल कम होता है।
हर घंटे थोड़ा चलें-फिरें
लंबे समय तक बैठे रहना नुकसानदायक हो सकता है। हर घंटे उठकर 2–5 मिनट टहलें या स्ट्रेच करें। यह छोटे-छोटे मूवमेंट्स भी शुगर कंट्रोल में मदद करते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ लेस्टर (UK) की एक रिसर्च के अनुसार, लंबे समय तक बैठे रहने के बीच में लिया गया 2 मिनट का ब्रेक इंसुलिन और ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म में काफी सुधार करता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से साझा किया गया है। लेख में बताए गए सुझाव, डाइट प्लान और शोध के निष्कर्ष किसी भी तरह से पेशेवर चिकित्सीय परामर्श , निदान या उपचार का विकल्प नहीं हैं। डायबिटीज एक जटिल स्थिति है और हर व्यक्ति के शरीर की जरूरतें अलग हो सकती हैं।





