गर्मियों के मौसम में सत्तू को ‘देसी सुपरफूड’ माना जाता है, जो न सिर्फ पेट को ठंडक देता है बल्कि ऊर्जा का भी बड़ा स्रोत है। सत्तू का सेवन बॉडी हीट को कंट्रोल करने के साथ ही पाचन को भी दुरुस्त करता है। सत्तू का सेवन रोटी के साथ या फिर उसका शरबत बनाकर करने से बॉडी कूल रहती है और पेट की गर्मी कंट्रोल रहती है। लेकिन क्या इस सुपरफूड का सेवन डायबिटीज या हाई शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद है?
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सर्टिफाइड फिटनेस न्यूट्रिशनिस्ट और डायबिटोलॉजिस्ट डॉक्टर अनुपम घोष ने बताया डायबिटीज मरीज सत्तू का सेवन कर सकते हैं। एक्सपर्ट ने बताया डायबिटीज मरीजों के लिए सत्तू का सेवन तभी फायदेमंद है जब क्वांटिटी कंट्रोल की जाए। ज्यादा मात्रा लेने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है, इसलिए हमेशा संतुलन बनाकर सेवन करें। सत्तू में मौजूद हाई फाइबर और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स इसे डायबिटीज मरीजों के लिए एक अच्छा विकल्प तो बनाते हैं, पर इसे लेने का तरीका और समय बहुत मायने रखता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि सत्तू का सेवन डायबिटीज मरीजों के लिए कैसे फायदेमंद है और डायबिटीज मरीज इसका सेवन कैसे करें।
सत्तू कैसे शुगर नहीं बढ़ाता ?
डायबिटीज के मरीज सत्तू खा सकते हैं, लेकिन सही मात्रा और संतुलन के साथ। सत्तू पौष्टिक होता है, पर इसकी मात्रा और डाइट में जगह समझना जरूरी है। सत्तू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 28 होता है, जो लो कैटेगरी में आता है। इसका मतलब है कि यह ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता। डायबिटीज मरीजों के लिए किसी भी फूड का ग्लाइसेमिक इंडेक्स जानना ही जरूरी नहीं है बल्कि ग्लाइसेमिक लोड (GL) जानना भी जरूरी है। हालांकि सत्तू का GI कम है, लेकिन 100 ग्राम सत्तू में लगभग 60–62 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। इसलिए इसका ग्लाइसेमिक लोड मीडियम हो सकता है, जो ज्यादा मात्रा में लेने पर शुगर बढ़ा सकता है।
सत्तू की न्यूट्रिशनल वैल्यू
सत्तू सिर्फ कार्बोहाइड्रेट ही नहीं देता बल्कि संतुलित पोषण भी देता है। इसमें मौजूद पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें
- प्रोटीन- लगभग 22–24 ग्राम
- हेल्दी फैट- 5–6 ग्राम
- फाइबर- 8–10 ग्राम मौजूद होता है। यह सभी तत्व मिलकर इसे एक संतुलित फूड बनाते हैं।
सत्तू में मौजूद प्रोटीन और फाइबर हैं डायबिटीज में फायदेमंद
एक्सपर्ट ने बताया डायबिटीज मरीजों के लिए डाइट में प्रोटीन और फाइबर का सेवन असरदार साबित होता है। सत्तू में मौजूद प्रोटीन और फाइबर ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ने में मदद करते हैं और पाचन को भी बेहतर बनाते हैं। एक्सपर्ट ने बताया डायबिटीज मरीजों के लिए किसी भी फूड का चयन करते समय सिर्फ ग्लाइसेमिक इंडेक्स और ग्लाइसेमिक लोड को जानना ही काफी नहीं है, बल्कि उसकी पूरी न्यूट्रिशन प्रोफाइल देखना जरूरी है। डायबिटीज मरीज डाइट में प्रोटीन, फैट और फाइबर को जरूर ध्यान में रखें।
सत्तू कैसे सेहत के लिए फायदेमंद है?
डायबिटीज मरीज बैलेंस डाइट के साथ सत्तू को भी शामिल कर सकते हैं। बस ध्यान रखें कि कुल कार्बोहाइड्रेट इनटेक के अंदर ही सत्तू की मात्रा फिट हो। सत्तू में कई जरूरी अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो शरीर खुद नहीं बना पाता। इसलिए यह खासकर शाकाहारी लोगों के लिए अच्छा प्रोटीन स्रोत है। सत्तू में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स सब कुछ एक साथ मिलता है। इसी वजह से इसे एक भारतीय सुपरफूड माना जाता है, डायबिटीज मरीज इसे सीमित मात्रा में खा सकते हैं।
डायबिटीज मरीज सत्तू का सेवन कैसे करें
- डायबिटीज मरीज सत्तू का सेवन पानी में घोलकर ड्रिंक के रूप में कर सकते हैं। डायबिटीज मरीज इस ड्रिंक में चीनी का सेवन नहीं करें।
- पराठा या रोटी में भरकर सत्तू खाएं। साबुत अनाज के साथ सत्तू का सेवन असरदार साबित होता है।
- सत्तू का सेवन शेक के रूप में करें फायदा होगा।
- शाकाहारी लोगों के लिए सत्तू प्रोटीन का अच्छा स्रोत है जो बॉडी को एनर्जी देगा, लम्बे समय तक पेट को भरा रखेगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक स्रोतों और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी विटामिन सप्लीमेंट या दवा का सेवन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।





