पर्सनल लोन आपकी रोजमर्रा की जरूरतों और खर्चों को पूरा करने में मदद करता है. अगर सही तरीके से चुना जाए, तो यह आपको भरोसेमंद संस्थानों से सस्ते में पैसा उधार दिला सकता है. देशभर में सरकारी बैंक अभी भी लोगों की पहली पसंद हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि ये बैंक कम ब्याज दर, आसान मंजूरी प्रक्रिया, साफ-सुथरी शर्तें और सरकारी भरोसा देते हैं.

पर्सलन लोन लेते समय हमेशा कुछ चीजों को ध्यान में रखना भी बेहद जरूरी होता, जिससे आपको लोन आसान हो जाता है और आप पर फालतू का लोड नहीं पड़ता है. अगर आप 30 लाख रुपये से ज्यादा का लोन लेने का प्लान कर रहे हैं. तो मई 2026 में सरकारी बैंकों की ओर से पर्सलन लोन सस्ते में ऑफर किया जा रहा है. इसमें बैंक ऑफ इंडिया में सबसे कम ब्याज पर लोन आपको मिल सकेगा.
Khabar Monkey
| Bank |
Interest Rate
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| Bank of India | 7.10% |
| Canara Bank | 7.15% |
| Union Bank | 7.15% |
| Indian Bank | 7.15% |
| Bank of Baroda | 7.20% |
| State Bank of India | 7.25% |
| Punjab National Bank | 7.30% |
सोर्स- बैंकबाजार
लोन लेने से पहले ध्यान रखने वाली 5 जरूरी बातें
- क्रेडिट स्कोर- पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करते समय आपका क्रेडिट स्कोर बहुत महत्वपूर्ण होता है. अगर आपका स्कोर 750 या उससे ज्यादा है और आपने हाल ही में कोई भुगतान मिस नहीं किया है, तो आपको कम ब्याज दर मिल सकती है. वहीं, अगर आपका स्कोर 650 से कम है, तो ब्याज दर ज्यादा हो सकती है और शर्तें सख्त हो सकती हैं. इसलिए लोन लेने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर जरूर चेक कर लेना चाहिए.
- प्रोसेसिंग फीस पर ध्यान दें- इसके अलावा, केवल कम ब्याज दर देखकर लोन लेने का फैसला नहीं करना चाहिए. आपको प्रोसेसिंग फीस, लोन को समय से पहले बंद करने का चार्ज और अन्य छिपे हुए खर्चों की जानकारी भी लेनी चाहिए. अगर किसी भी तरह की शंका हो, तो बैंक या लेंडर से इन सभी शुल्कों की जानकारी लिखित में जरूर मांग लें.
- लोन की अवधि- लोन की अवधि भी एक अहम भूमिका निभाती है. अगर आप लंबी अवधि के लिए लोन लेते हैं, तो आपकी EMI कम हो जाती है, लेकिन कुल मिलाकर आपको ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ता है. इसलिए अपनी आय और भुगतान करने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए सही अवधि का चुनाव करना जरूरी है.
- लोन के लिए एलिजिबिलिटी- लोन मिलने में आपकी पात्रता भी बहुत मायने रखती है. इसमें आपकी सैलरी, नौकरी की स्थिरता, पहले से चल रहे कर्ज, किसी भी तरह का पिछला डिफॉल्ट और आपकी उम्र जैसे कई कारक शामिल होते हैं. इसलिए जिस लोन के लिए आप अप्लाई कर रहे हैं, उसकी शर्तों को पहले अच्छी तरह समझ लें और जरूरत पड़े तो बैंक से संपर्क कर लें.
- ब्याज दर के बारे में करें जानकारी- अंत में, आपको यह भी समझना जरूरी है कि आपको फिक्स्ड ब्याज दर मिल रही है या फ्लोटिंग. फिक्स्ड दर में आपकी EMI पूरी अवधि तक एक जैसी रहती है, जबकि फ्लोटिंग दर में समय के साथ EMI बदल सकती है. इसका असर आपके कुल भुगतान पर पड़ता है, इसलिए सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए.
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