Viral

जोसेफ विजय चंद्रशेखर कैसे बने ‘थलपति’? ढहाया DMK का किला, ब्लॉकबस्टर जीत का जश्न शुरू

फिल्मों से पॉलिटिक्स में आए थलपति विजय ने तमिलनाडु की राजनीति में कमाल कर दिया है. तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के नेता थलपति विजय ने सत्ताधारी डीएमके और AIADMK को पीछे छोड़कर इतिहास रच दिया है. ज्यादातर एग्जिट पोल्स में विजय की पार्टी को किंगमेकर के रूप में दिखाया गया था लेकिन उनकी पार्टी जीत की तरफ आगे बढ़ रही है. रुझानों में थलपति की पार्टी TVK तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों में से 110 से ज्यादा सीटें जीतते हुए दिख रही है.

जोसेफ विजय चंद्रशेखर कैसे बने ‘थलपति’? ढहाया DMK का किला, ब्लॉकबस्टर जीत का जश्न शुरू
जोसेफ विजय चंद्रशेखर कैसे बने ‘थलपति’? ढहाया DMK का किला, ब्लॉकबस्टर जीत का जश्न शुरू

थलपति विजय का वास्तविक नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है. 22 जून, 1974 को चेन्नई में जन्मे विजय एक एक्टर होने के साथ सिंगर, डांसर और अब एक नेता भी हैं. पिता एस.ए. चंद्रशेखर तमिल सिनेमा के जाने-माने निर्देशक और मां शोभा गायिका थीं. यही वजह रही है कि फिल्मों से उनका जुड़ाव बहुत कम उम्र में हो गया.

उनके फिल्मी कॅरियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में 1984 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘वेट्री’ से हुई. कुछ ऐसी ही फिल्में करने के बाद उन्होंने रजनीकांत की फिल्म ‘नान सिगप्पू मनिथन’ में काम और फिर 1992 में ‘नालैया थीरपु’ फिल्म से मुख्य भूमिका निभाई. भले ही उनका वास्तविक नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है, लेकिन फैंस उन्हें थलपति के नाम से बुलाते हैं. जानिए इसकी पूरी कहानी.

Khabar Monkey

साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत के साथ विजय.

जोसेफ विजय चंद्रशेखर कैसे बने थलपति?

ओरिजनल नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर होने के बावजूद उन्होंने विजय नाम से कॅरियर की शुरुआत की. फिल्माें में विजय की पॉपुलैरिटी ऐसी बढ़ी कि वो सुपरस्टार बन गए. तेजी से सफलता की ओर बढ़ते विजय को उनके फैंस ने नाम दिया थलपति. धीरे-धीरे उन्हें इसी नाम से जाना जाने लगा. तमिल भाषा में थलपति का मतलब होता है कमांडर या लीडर.

तेजी से अपने इस नाम के साथ विजय पॉपुलर हुए तो उन्होंने अपने नाम को बदलकर इलया थलपति अपनाया. इसका मतलब होता है युवा कमांडर या युवा नेता. कई दशकों तक विजय को इलया थलपति के नाम से जाना गया और तमिल फिल्म इंडस्ट्री में उनका दबदबा कायम रहा.

थलपति विजय.

इलया थलपति को सिर्फ थलपति करने का काम 2017 में हुआ. 2017 में निर्देशक एटली ने उनके उपनाम को बदलकर थलपति करने का फैसला किया. जब मर्सल का फर्स्ट-लुक पोस्टर जारी हुआ, तो उन्हें थलपति के रूप में ही क्रेडिट दिया गया. उनके प्रशंसक इस बदलाव को देखकर बेहद खुश हुए और उन्होंने इस अवसर को उत्सव की तरह मनाया. समय के साथ-साथ विजय एक स्टार बन गए और उनके प्रशंसक उन्हें एक राजनीतिक नेता के रूप में देखने लगे. उन्होंने अपनी शर्मीली छवि को त्याग दिया. कई सामाजिक मुद्दों पर अपने शानदार सार्वजनिक भाषणों से प्रशंसकों को दीवाना बना दिया.

जश्न मनाते थलपति विजय समर्थक.

फिल्मों से राजनीति में एंट्री

फिल्में अपना दबदबा कायम रखने वाले विजय ने फरवरी 2024 में आधिकारिक तौर पर राजनीति में एंट्री की और पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) का ऐलान किया. उन्होंने पहले ही कह दिया था कि वो लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, फोकस 2026 के विधासनभा चुनावों पर रहेगा और ऐसा ही हुआ.

थलपति विजय समर्थक.

राजनीति में आने के ऐलान पर उन्होंने साफ कर दिया था कि वो सिनेमा को छोड़ रहे हैं. पार्टी की पहली रैली 27 अक्तूबर 2024 को तमिलनाडु के विल्लुपुरम ज़िले के विक्रवंडी में हुई. रैली ऐतिहासिक रही. भारी भीड़ उमड़ी. विजय ने लोगों को बांटने वाली पार्टियों पर निशाना साधा. यही नहीं, उन्होंने द्रविड़ मॉडल के नाम पर धोखाधडी करने और एक परिवार पर राज्य लूटने का आरोप लगाया.

जीत तरफ आगे बढ़ती TVK और जश्न मनाते थलपति विजय के समर्थक.

पिछले साल तमिलनाडु के करूर में उनकी पार्टी रैली में भगदड़ मची और 39 लोगों की मौत हुई. विजय ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मारे गए लोगों के लिए 20-20 लाख रुपए और घायलों के लिए 2-2 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया.

फिल्मों में अदाकारी का लोहा मनवाने वाले विजय खुद को तमिलनाडु की राजनीति का थलपति साबित कर रहे हैं. रुझान के आंकड़े इस पर मुहर लगा रहे हैं.

khabarmonkey@gmail.com

Leave a Reply