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चुनावी नतीजे या कच्चे तेल के तेवर! अगले हफ्ते शेयर बाजार को कौन से फैक्टर करेंगे फेवर

अगले हफ्ते शेयर बाजार में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है. उसका कारण भी है. अगले हफ्ते जहां जियो पॉलिटिकल टेंशन, कच्चे तेल की कीमतें, रुपए की चाल और तिमाही नतीजों के अलावा 5 राज्यों के चुनावी परिणाम भी आएंगे. जोकि शेयर बाजार में काफी उथल पुथल मचा सकते हैं. 5 राज्यों के चुनावी परिणाम में बंगाल के नतीजे काफ अहम माने जा रहे हैं. अधिकतर एग्जिट पोल ने बीजेपी की सरकार आने का अनुमान लगाया है.

चुनावी नतीजे या कच्चे तेल के तेवर! अगले हफ्ते शेयर बाजार को कौन से फैक्टर करेंगे फेवर
चुनावी नतीजे या कच्चे तेल के तेवर! अगले हफ्ते शेयर बाजार को कौन से फैक्टर करेंगे फेवर

वैसे बीते कुछ वर्षों में बंगाल को लेकर एग्जिट पोल का अनुमान गलत साबित हुआ है. फिर चाहे वो साल 2021 का विधानसभा चुनाव हो, या फिर साल 2024 का लोकसभा चुनाव. जिनके नतीजों में टीएमसी को काफी अच्छी बढ़त मिली थी. वैसे जानकारों का मानना है कि अगर बीजेपी बंगाल में सरकार बनाती हुई दिखाई देती है, तब शेयर बाजार में 5 फीसदी या उससे ज्यादा की बढ़त देखने को मिल सकती है. आइए अगले हफ्ते शेयर बाजार में किस तरह का एक्शन देखने को मिल सकता है, विस्तार से चर्चा करते हैं…

विधानसभा चुनाव के नतीजे

लिवलॉन्ग वेल्थ के फाउंडर और अनुसंधान विश्लेषक हरिप्रसाद के ने कहा कि सबसे तात्कालिक फैक्टर प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनावों के परिणाम होंगे. निवेशक बारीकी से देख रहे हैं कि क्या केंद्र में सत्तारूढ़ दल पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को हरा सकता है और क्या विपक्ष शासित केरल तथा तमिलनाडु में सार्थक पैठ बना सकता है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की इस समय सीमित उपस्थिति है. स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि इस सप्ताह बाजार शुरुआत में राज्य विधानसभा चुनावों के परिणामों पर प्रतिक्रिया देंगे, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में, जिससे 1-2 दिनों तक उतार-चढ़ाव हो सकता है.

क्या ईरान युद्ध पर शांति वार्ता नहीं होगी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि वे मौजूदा संघर्ष से जुड़ी बातचीत के लिए ईरान के ताजा प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं. वहीं, ईरान के विदेश मंत्री ने संकेत दिया कि यदि अमेरिका अपना नजरिया बदलता है, तो तेहरान कूटनीति के लिए तैयार है. ट्रम्प की टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि दो महीने से चले आ रहे इस संघर्ष में बना गतिरोध शायद अभी बना रहेगा, भले ही वे इस युद्ध को समाप्त करने की कोशिश कर रहे हों-एक ऐसा युद्ध जो अमेरिकियों के बीच ज्यादातर अलोकप्रिय ही रहा है.

शुक्रवार को बाद में फ्लोरिडा में दिए गए एक भाषण में उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ अपना टकराव समय से पहले समाप्त नहीं करेगा. उन्होंने इस बात के प्रति आगाह किया कि पीछे हटने का मतलब कुछ ही सालों में फिर से उसी समस्या का सामना करना होगा. उन्होंने इस बात को दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. साथ ही, तेहरान का ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) पर से कंट्रोल हटाने का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है. यह एक प्रमुख समुद्री मार्ग है, जिसके जरिए मौजूदा संघर्ष के दौरान ग्लोबल तेल और गैस प्रवाह का लगभग 20 फीसदी हिस्सा बाधित हुआ है.

तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार

शुक्रवार को कच्चे तेल के वायदा भाव में 4 साल के उच्चतम स्तर से भारी गिरावट आई. इसकी वजह यह थी कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का प्रस्ताव दिया था. हालांकि, तेल की कीमतें साप्ताहिक बढ़त की ओर ही बनी रहीं, क्योंकि तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अवरुद्ध करना जारी रखा और अमेरिकी नौसेना ने ईरानी कच्चे तेल के निर्यात पर प्रतिबंध बनाए रखे.

जुलाई डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड 108.17 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जिसमें 2.23 डॉलर (या 2.02%) की गिरावट दर्ज की गई. वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 101.94 डॉलर पर बंद हुआ, जिसमें 3.13 डॉलर (या 2.98%) की गिरावट आई. नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट का लंबे समय तक बंद रहना—जिससे होकर प्रतिदिन लगभग 20 मिलियन बैरल तेल गुज़रता है—कच्चे तेल की कीमतों को 110150 डॉलर की सीमा तक पहुंचा सकता है.

चौथी तिमाही की कमाई

कोटक महिंद्रा बैंक और FMCG की बड़ी कंपनी DMart ने शनिवार को मार्च तिमाही की अपनी कमाई के आंकड़े जारी किए. DMart को चलाने वाली कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने शनिवार को वित्त वर्ष 26 की मार्च तिमाही के लिए 656.6 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया. यह पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में दर्ज 550.90 करोड़ रुपए के मुकाबले 19 फीसदी की बढ़ोतरी है. यह शुद्ध लाभ कंपनी के शेयरधारकों का है.

कोटक महिंद्रा बैंक ने शनिवार को वित्त वर्ष 26 की मार्च तिमाही के लिए 4,026.55 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया. यह पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में दर्ज 3,552 करोड़ रुपए के मुकाबले 13.3 फीसदी की बढ़ोतरी है. शुद्ध ब्याज आय (NII) साल-दर-साल 8.1 फीसदी बढ़कर 7,876 करोड़ रुपए हो गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 7,284 करोड़ रुपए थी.

रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर

गुरुवार को भारतीय रुपया गिरकर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 95.33 रुपए पर पहुंच गया. निवेशक कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई भारी तेजी (जो 2022 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है) से पैदा होने वाले आर्थिक जोखिमों को लेकर काफी चिंतित थे. तेल की कीमतें बढ़कर 125 डॉलर और उससे ऊपर के स्तर पर पहुंच जाने से भारत में महंगाई और आर्थिक विकास के संतुलन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.

रुपये के लिए तत्काल प्रतिरोध (resistance) 95 रुपए से 95.20 रुपए के बीच है. अगर रुपया इस दायरे से ऊपर लगातार बना रहता है, तो यह गिरकर अपने अब तक के नए निचले स्तर पर पहुंच सकता है. दूसरी ओर, 94.50 रुपए का स्तर तत्काल समर्थन (support) का काम करेगा, जबकि अगर निकट भविष्य में रुपया एक ही दायरे में स्थिर रहता है, तो 94.30 रुपए से 94 रुपए का स्तर एक मजबूत समर्थन क्षेत्र माना जाएगा.

निकट भविष्य के लिए रुपए का रुख सावधानी भरा और तेजी (bullish) की ओर झुका हुआ है. इसे डॉलर की लगातार बनी हुई मांग से समर्थन मिल रहा है, हालांकि भू-राजनीतिक तनाव में किसी भी तरह की कमी आने से रुपए को कुछ समय के लिए स्थिरता मिल सकती है.

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