Yoga for Stress Relief: आधुनिक लाइफस्टाइल में बर्नआउट और मानसिक थकान एक आम समस्या बन गई है। कॉम्पटीशन और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच हम अपने शरीर और दिमाग को वह आराम नहीं दे पाते जिसकी उसे सख्त जरूरत होती है। योग विज्ञान में कई कठिन आसन हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि सबसे सरल दिखने वाला शवासन आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए सबसे शक्तिशाली हथियार साबित हो सकता है।

शवासन न केवल थकान दूर करता है बल्कि यह आपके तंत्रिका तंत्र को शांत करने की क्षमता रखता है।
क्या है शवासन
शवासन दो संस्कृत शब्दों से मिलकर बना है शव जिसका अर्थ है मृत शरीर और आसन जिसका अर्थ है मुद्रा। इस अभ्यास के दौरान साधक को एक मृत देह की तरह बिल्कुल स्थिर और शांत अवस्था में लेटना होता है। यह सुनने में जितना सरल लगता है इसका प्रभाव उतना ही गहरा है क्योंकि यह सीधे आपके अवचेतन मन पर काम करता है।
और मन को पूर्ण विश्राम देने वाली सर्वश्रेष्ठ मुद्रा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आसन उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक है और हृदय गति को सामान्य कर मानसिक शांति प्रदान करता है। आज के समय में जब चिंता एक महामारी की तरह फैल रही है शवासन एकाग्रता बढ़ाने और माइंडफुलनेस विकसित करने में अहम भूमिका निभाता है।
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शवासन करने की सही तरीका
- सबसे पहले एक शांत जगह पर योगा मैट बिछाएं और पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
- दोनों पैरों के बीच एक से डेढ़ फीट की दूरी रखें। हाथों को शरीर से थोड़ा दूर रखें और हथेलियां आसमान की तरफ होनी चाहिए।
- अपनी आंखें धीरे से बंद करें और गहरी, लंबी सांसें लें। अपनी आती-जाती सांसों पर ध्यान केंद्रित करें।
- शरीर के हर हिस्से (पैर के अंगूठे से लेकर सिर तक) को ढीला छोड़ दें। कल्पना करें कि आपका शरीर जमीन में समा रहा है।
- इस स्थिति में कम से कम 5 से 10 मिनट तक रहें। इसके बाद धीरे-धीरे शरीर में हलचल करें और बाईं करवट लेकर उठें।
गर्मियों में शरीर को रखता है कूल
शवासन की एक खास विशेषता यह है कि यह शरीर के तापमान को संतुलित करता है। गर्मियों के दौरान जब धूप और गर्मी से शरीर का तापमान बढ़ जाता है और चिड़चिड़ापन होने लगता है तब शवासन शरीर को भीतर से ठंडा रखने और ऊर्जा को संचित करने का काम करता है।
शवासन केवल योग सत्र के अंत में किया जाने वाला अभ्यास नहीं है बल्कि यह जीवन जीने की एक कला है। यदि आप प्रतिदिन 10 मिनट इस आसन को देते हैं तो आप न केवल शारीरिक रूप से सक्रिय महसूस करेंगे बल्कि आपकी निर्णय लेने की क्षमता और मानसिक स्पष्टता में भी सुधार होगा।





