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कुंभकर्ण भी इनके आगे फेल! मिलिए कुदरत के ‘लेजी ब्रांड एंबेसडर’ से, जो हफ्ते में सिर्फ एक बार जाते हैं टॉयलेट

Ajab Gajab! अगर आपको लगता है कि आप बहुत आलसी हैं, तो स्लॉथ (Sloth) से मिलिए. यह जीव दिन के 22 घंटे सिर्फ सोने में बिताता है. वहीं, जागने के बाद भी इनकी फुर्ती ऐसी है कि देखकर आंखें मलते रह जाएंगे. यह जीव सिर्फ 0.24 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलता है. यानी एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक जाने में इसे दो दिन लग जाएंगे. जमीन पर तो ये चल भी नहीं पाते. बस पंजों के दम पर खुद को घसीटते हैं. लेकिन पानी में ये तीन गुना ज्यादा तेज तैर सकते हैं.

कुंभकर्ण भी इनके आगे फेल! मिलिए कुदरत के ‘लेजी ब्रांड एंबेसडर’ से, जो हफ्ते में सिर्फ एक बार जाते हैं टॉयलेट
कुंभकर्ण भी इनके आगे फेल! मिलिए कुदरत के ‘लेजी ब्रांड एंबेसडर’ से, जो हफ्ते में सिर्फ एक बार जाते हैं टॉयलेट

एक पत्ता पचाने में लगते हैं 30 दिन!

स्लॉथ का मेटाबॉलिज्म दुनिया में सबसे धीमा माना जाता है. हम इंसान जहां खाना कुछ ही घंटों में पचा लेते हैं, वहीं इस जीव को एक पत्ता पचाने में भी पूरे 30 दिन लग जाते हैं. यही वजह है कि ये अपनी एनर्जी बचाने के लिए हिलना-डुलना भी पसंद नहीं करते.

जानलेवा है टॉयलेट जाना

यह जानवर अपना 90% जीवन पेड़ों पर उल्टा लटककर बिताता है. ये इतना आलसी है कि टॉयलेट जाने के लिए भी हफ्ते में सिर्फ एक बार ही पेड़ से उतरता है. लेकिन यही आलस उसके लिए कभी-कभी जानलेवा साबित होता है. नीचे उतरते ही ये शिकारियों की नजर में आ जाते हैं और लगभग 50% स्लॉथ की मौत इसी दौरान होती है.

इसका शरीर अपने आप में एक छोटा इकोसिस्टम है. इसे बालों पर हरी काई उग आती है, जो इसे जंगलों में छिपने में मदद करती है. इसके फर के बीच कई तरह के कीड़े-मकोड़े भी अपना घर बना लेते हैं. असल में आलस इसके सर्वाइवल की स्ट्रैटजी है. कम ऊर्जा खर्च करो और चुपचाप पड़े रहो.

अब देखिए वीडियो

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