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भीषण गर्मी में भूलकर भी न करें ये गलतियां, शरीर को हीट स्ट्रोक से बचाएंगी एक्सपर्ट की ये 5 बातें

Heatstroke Prevention Tips: देश भर में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है और सूरज की तपिश अब आम जनजीवन के लिए चुनौती बनती जा रही है। दिन का तापमान लगातार चढ़ने के साथ ही लू चलने की संभावना में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस साल सबसे ज्यादा गर्मी पड़ सकती है जो कई सारी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

भीषण गर्मी में भूलकर भी न करें ये गलतियां, शरीर को हीट स्ट्रोक से बचाएंगी एक्सपर्ट की ये 5 बातें
भीषण गर्मी में भूलकर भी न करें ये गलतियां, शरीर को हीट स्ट्रोक से बचाएंगी एक्सपर्ट की ये 5 बातें

मौसम के इस बदलते मिजाज के बीच हेल्थ एक्सपर्ट्स ने हीट स्ट्रोक को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के इस मौसम में हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा होता है जो न केवल स्वास्थ्य को बिगाड़ सकता है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है।

क्या होता है हीट स्ट्रोक

हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ने लगता है और शरीर अपनी स्वाभाविक ठंडक बनाने की क्षमता को पूरी तरह खो देता है। ऐसी स्थिति में शरीर का आंतरिक सिस्टम काम करना बंद कर सकता है इसलिए गर्मी के इस मौसम में सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। नेशनल हेल्थ मिशन ने भी आम जनता से अपील की है कि वे सावधानी बरतकर खुद को और अपने परिवार को इस गंभीर खतरे से बचाएं।

घर से निकलने से बचें

दोपहर के समय जब गर्मी अपने चरम पर होती है यानी 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहरी और भारी मेहनत वाले कामों से बचना चाहिए। इस दौरान सीधी में आना खतरनाक हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों का इस मौसम में खास ख्याल रखने की जरूरत है क्योंकि वे हीट स्ट्रोक के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

खान-पान और पहनावे पर दें ध्यान

गर्मी को मात देने के लिए खान-पान में बदलाव करना अनिवार्य है। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस दौरान हल्का और सुपाच्य भोजन ही करें। शरीर को हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी है इसलिए प्यास न लगने पर भी पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। हालांकि चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स जैसे अत्यधिक कैफीन या चीनी वाले पेय पदार्थों से परहेज करना चाहिए क्योंकि ये शरीर को और अधिक डिहाइड्रेट कर सकते हैं।

कपड़ों की बात करें तो हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनना सबसे बेहतर है क्योंकि गहरे रंग के कपड़े गर्मी को अधिक सोखते हैं। इसके अलावा यदि बाहर काम करना मजबूरी हो तो हर 15-20 मिनट में छांव में आराम जरूर करें।

लक्षण पहचानें

के लक्षणों को पहचानना जीवन बचा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को अचानक चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार, बेहोशी या शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाने जैसी समस्या हो तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे में पीड़ित को तुरंत किसी ठंडी और हवादार जगह पर लिटा देना चाहिए।

उनके शरीर विशेषकर गर्दन, कलाई और पैरों के तलवों पर ठंडी पट्टी या ठंडे पानी से सेक करना चाहिए। स्थिति में सुधार होने तक उन्हें ठंडे पानी के छोटे-छोटे घूंट पिलाते रहें और बाद में नमी वाले हल्के फल या जूस का सेवन कराएं। समय पर सही बचाव और प्राथमिक उपचार अपनाकर इस गंभीर समस्या से सुरक्षित रहा जा सकता है।

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