मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि समझदारी और व्यावहारिक समझ से समझौता नहीं कर सकते हैं. इस बीच, व्हाइट हाउस ने दावा किया कि ईरान के अंदर अंदरूनी मतभेद और विभाजन की स्थिति बनी हुई है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ईरान के अंदर व्यावहारिक सोच रखने वालों और सख्त रुख वाले लोगों के बीच लड़ाई है.

कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप एक सामूहिक जवाब चाहते हैं. इसलिए जब तक हम उस जवाब का इंतजार कर रहे हैं, सैन्य कार्रवाई और सीधे हमलों के मामले में एक युद्धविराम है. उन्होंने का कि ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी, प्रभावी नौसैनिक नाकेबंदी और ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर भी नियंत्रण जारी है. लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से कोई प्रस्ताव प्राप्त करने की कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की है. अंत में समय-सीमा अमेरिका के कमांडर-इन-चीफ और अमेरिका के राष्ट्रपति तय करेंगे.
#WATCH | On how long the West Asia conflict will go on, White House Press Secretary Karoline Leavitt says, “President Trump ultimately will dictate the timeline, and he will do so when he feels it is in the best interest of the United States and the American people.”
(Source: US pic.twitter.com/an7RGLQpZu
— ANI (@ANI) April 22, 2026
ईरान के आंतरिक विभाजन और मतभेद
लेविट ने कहा कि हम स्पष्ट हैं कि हमें किससे बातचीत करनी है. हमारी वार्ता टीम ने उन लोगों से मुलाकात की है. लेकिन ईरान के अंदर बहुत विभाजन है. उनके कई नेता पिछले 50 सालों में दुनिया से मिट चुके हैं. प्रेस सचिव ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप उन्हें थोड़ी ढील दे रहे हैं, क्योंकि हम चाहते हैं कि हमारे मजबूत प्रस्ताव के जवाब में एक सामूहिक प्रस्ताव मिले.
संघर्ष विराम की समय-सीमा
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरानी शासन पर दबाव बना रखा है. वो केवल सैन्य रूप से कमजोर और नष्ट नहीं हुए हैं, बल्कि इस नाकेबंदी की वजह से आर्थिक और वित्तीय रूप से भी नुकसान झेल रहे हैं. ईरान का जवाब आने तक राष्ट्रपति दुनिया का नेतृत्व और अमेरिका को चलाना जारी रखेंगे.
राष्ट्रपति ने तय नहीं की समय-सीमा
होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी और युद्धविराम पर प्रेस सचिव ने कहा कि मैं राष्ट्रपति के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं करने जा रही हूं. मुझे पता है कि कुछ गुमनान स्रोतों से ऐसी रिपोर्ट आई थी कि शायद तीन से पांच दिन की समय-सीमा थी. लेकिन यह सही बात नहीं है. राष्ट्रपति ने खुद कोई समय-सीमा तय नहीं की है. अंत में वही समय-सीमा तय करेंगे और वह नौसैनिक नाकेबंदी से संतुष्ट हैं. ईरान बहुत कमजोर स्थिति में है और अभी सारी बढ़त राष्ट्रपति ट्रंप के पास है.
किसी भी बात को सच न मानें
लेविट ने कहा कि आप सभी लोग ईरान से अलग-अलग तरह के मैसेज आते हुए देख रहे हैं. लेकिन आप उनकी किसी भी बात को सच न मान लें. हमने देखा है कि वे जो सार्वजनिक रूप से कहते हैं, वह उस बात से काफी अलग होता है जिसे वे अमेरिका और हमारी बातचीत टीम के सामने निजी रूप से स्वीकार करते हैं.





