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ऑपरेशन सिंदूर का कहर! एक साल बाद भी अंडरग्राउंड है हाफिज सईद और मसूद अजहर

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी. इसके जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया. भारत ने पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों ने हाफिज सईद और मसूद अजहर के आतंकी साम्राज्य को जड़ से हिला दिया. एक साल बाद आज भी ये दोनों खौफ में जी रहे हैं और खुलकर सामने नहीं आ पाए हैं.

ऑपरेशन सिंदूर का कहर! एक साल बाद भी अंडरग्राउंड है हाफिज सईद और मसूद अजहर
ऑपरेशन सिंदूर का कहर! एक साल बाद भी अंडरग्राउंड है हाफिज सईद और मसूद अजहर

ऑपरेशन सिंदूर में क्या-क्या तबाह हुआ?

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए थे. सबसे अहम निशानों में मुरीदके था. यह लाहौर से करीब 40 किमी दूर है. यह लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का हेडक्वार्टर था, जिसका कैंपस 200 एकड़ में फैला था. यहां आतंकियों के ट्रेनिंग भी दी जाती थी. दूसरा बड़ा निशाना बहावलपुर था, जो लाहौर से करीब 400 किमी दूर. यह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का गढ़ है, जहां कुख्यात जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह का कैंपस है.

एक मिसाइल का निशाना मसूद अजहर से जुड़ा एक मदरसा भी था. पाकिस्तानी मीडिया ने बताया कि खुद मसूद अजहर ने स्वीकार किया कि उसने ऑपरेशन सिंदूर में अपने 10 परिवार के सदस्यों को खोया. इसके अलावा भारत ने PoK के कोटली और मुजफ्फराबाद में भी ठिकाने ध्वस्त किए गए.

मसूद अजहर आखिरी बार कहां देखा गया?

पहलगाम हमले के बाद मसूद अजहर बहावलपुर में था. ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद उसे बहावलपुर से निकालकर गिलगित-बाल्टिस्तान ले जाया गया, जो उसके पुराने ठिकाने से करीब 1,200 किमी दूर है. वह जुलाई 2025 में स्कर्दू में करीब 20 दिन रहा, जहां उसे दो अलग-अलग मस्जिदों में रखा गया. इसके बाद उसे एक मदरसे, एक सरकारी गेस्ट हाउस और बाद में एक प्राइवेट गेस्ट हाउस में भी रखा गया.

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने जुलाई 2025 में अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में दावा किया था कि अजहर पाकिस्तान में नहीं है और शायद अफगानिस्तान चला गया है. लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उसे बाद में स्कर्दू में देखा गया.

हाफिज सईद आखिरी बार कहां देखा गया?

ऑपरेशन सिंदूर से पहले हाफिज सईद को लाहौर के एक घनी आबादी वाले इलाके जौहर टाउन में देखा गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, यहां उसके घर को ही एक सब-जेल में बदल गया था. ऑपरेशन सिंदूर के बाद कुछ दिन इस्लामाबाद में भी रहा. पाकिस्तान का दावा है कि हाफिज सईद टेरर फाइनेंसिंग के मामलों में 2019 से 46 साल की जेल की सजा काट रहा है, लेकिन फरवरी 2025 तक उसे सार्वजनिक तौर पर 20 से ज्यादा बार देखा गया है.

बिलावल ने जुलाई 2025 में न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें दावा किया गया था कि हाफिज सईद खुलेआम घूम रहा है. बिलावल ने कहा था कि हाफिज पाकिस्तानी सरकार की हिरासत में है. उन्होंने यह भी कहा था कि अगर दोनों देश इस प्रक्रिया में सहयोग करते हैं तो पाकिस्तान हाफिज सईद और मसूद अजहर को भारत को सौंपने के लिए तैयार है. बिलावल के इस बयान पर हाफिज के बेटे तल्हा सईद ने नाराजगी जताई थी.

मसूद अजहर और हाफिज सईद अभी कहां है?

इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों आतंकी सरगनाओं को रावलपिंडी, कराची और लाहौर के बीच कई बार शिफ्ट किया गया है. ISI दोनों को अलग-अलग सेफ हाउस में लगातार शिफ्ट करती रहती है. इंटरनेशनल प्रेशर के बावजूद दोनों ISI और पाकिस्तान सरकार के संरक्षण में हैं. लेकिन भारत के खौफ की वजह से छुपे हुए हैं. भारतीय सुरक्षा एजेंसियां दोनों पर नजर रखे हुए हैं.

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