नेपाल सरकार के एक आदेश ने भारतीय सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले नेपालियों की चिंता बढ़ा दी है. दरअसल, नेपाल ने अपने आदेश में कहा है कि 100 रुपए से अधिक का सामान लाने पर नेपाल के नागरिकों को सीमा शुल्क देना होगा. सरकार के इस आदेश को नेपाल की सीमा सुरक्षा इकाई ने सख्ती से लागू कर दिया है, जिसके कारण मधेश प्रांत में रहने वाले लोग परेशान हैं.

BBC नेपाली के मुताबिक सरकार के इस सख्त आदेश से जहां एक तरफ मधेश के लोग महंगाई से पहले ही परेशान हैं और दूसरी तरफ इस आदेश ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. सरकार के इस फैसले का सीधा असर मधेशी नागरिकों के जीवन-यापन पर पड़ेगा.
मधेश प्रांत के लोग भारत से सामान लाकर उसे बेचते थे, जिससे नेपाल के अन्य प्रांतों की तुलना में इस क्षेत्र में महंगाई का असर कम महसूस होता था. लोग खुद भी भारत जाकर आसानी से राशन आदि का सामान ले आते थे.
Bales clown
shah will destroy Nepal
Shocking visuals from Indo-Nepal border as Nepali forces SNATCH even small packets from citizens & TAX them
Balen Shah Govt has imposed a custom duty on every item, even as small as ₹100.
Thousands of Indian traders in Bihar , UP pic.twitter.com/kbrmGxkH6v
— Amitabh Chaudhary (@MithilaWaaala) April 20, 2026
नेपाल सरकार ने यह फैसला लागू क्यों किया?
सरकार का कहना है कि यह फैसला स्थानीय व्यापारियों के हितों और सरकार का राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है. स्थानीय सरकार के अनुसार इस निर्णय के बाद केवल मार्च महीने में ही कुल लक्ष्य का 85 प्रतिशत राजस्व वसूला जा चुका है. हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि उसने कुल कितनी राशि वसूलने का लक्ष्य निर्धारित किया था/
सरकार की दलीलों से इतर इस निर्णय का सबसे अधिक नुकसान मधेश प्रांत के लगभग 50 लाख नागरिकों को होने वाला है, क्योंकि नेपाल और भारत के बीच सामानों की कीमतों में काफी बड़ा अंतर है.
दराज नेपाल नामक वेबसाइट के अनुसार नेपाल में सरसों तेल की कीमत लगभग 400 रुपये प्रति लीटर (नेपाली मुद्रा में लगभग 600 रुपये प्रति लीटर) है, जबकि भारत में एक लीटर सरसों तेल की कीमत लगभग 150 रुपये है.
इसी तरह नेपाल में एक किलो चीनी की कीमत लगभग 107 रुपये प्रति किलो है, जबकि भारत में चीनी 4550 रुपये प्रति किलो के बीच मिलती है. यानी नेपाल में रोजमर्रा के राशन की कीमतें भारत की तुलना में लगभग दोगुनी हैं.
नागरिकों की एक समस्या यह भी है
नेपाल और भारत के बीच रोटी-बेटी का संबंध रहा है. यानी नेपाल के लोगों की शादी भारत में और भारत के लोगों की शादी नेपाल में होती रही है. अनुमान के मुताबिक ऐसे लोगों की संख्या 3 लाख से ज्यादा है. इन लोगों के लिए भारत से नेपाल तोहफा ले जाना भी अब आसान नहीं होगा. क्योंकि, 100 रुपए से ज्यादा के तोहफे ले जाने पर ऐसे लोगों को सीमा शुल्क देना होगा.
shah will destroy Nepal





