अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रविवार को ऐलान किया कि शांति वार्ता के दूसरे राउंड के लिए सोमवार को अमेरिकी डेलिगेशन पाकिस्तान जाएगा. ट्रंप के इस ऐलान के बाद शांति की उम्मीद ठीक से जगी भी नहीं थी कि इस वार्ता पर एक बार फिर ग्रहण लग गया है. ईरान की तस्नीम न्यूज ने बातचीत में शामिल ईरानी टीम के हवाले से कहा, “ईरानी बातचीत करने वाली टीम ने इस बात पर जोर दिया है कि जब तक ईरान पर नेवल ब्लॉकेड के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान लागू रहेगा, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी.”

ईरान ने साफ कर दिया है कि उसने बातचीत के लिए इस्लामाबाद भेजे जाने वाले डेलिगेशन पर कोई फैसला नहीं लिया है. बता दें, होर्मुज को ईरान द्वारा बंद करने के जवाब में ट्रंप ने होर्मुज के बाहर ईरानी जहाजों पर प्रतिबंध लगाया है और वहां अपने जंगी जहाज तैनात किए हैं. ईरान ने शर्त रखी है कि जब तक ईरानी शिप के ऊपर लगा ये अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड नहीं हट जाता, वह अमेरिका से बातचीत के लिए कोई टीम नहीं भेजेगा.
बातचीत पर लगा ब्रेक
पहले राउंड की बातचीत खत्म होने के बाद, हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तानी के जरिए मैसेज का लेन-देन हुआ है. असल में, मैसेज का यह लेन-देन पीस मीट के लिए दूसरे राउंड को शुरू करने का हिस्सा था. पाकिस्तान दोनों देशों को एक बार पिर बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है. ट्रंप ने रविवार को इसका ऐलान कर दूसरे राउंड की बातचीक पर मौहर लगा दी थी, लेकिन ईरान की इस शर्त के बाद एक बार तनाव फिर बढ़ गया है.
ट्रंप ने अमेरिकी डेलिगेशन का किया ऐलान
व्हाइट हाउस ने बताया कि वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस, इस्लामाबाद वार्ता के लिए जाने वाली डेलिगेशन नेतृत्व कर रहे हैं. वेंस के साथ स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी पाकिस्तान जाने वाले डेलिगेशन में शामिल हैं. पहले राउंड की वार्ता में भी ये तीनों शामिल हुए थे. इस ऐलान के साथ ट्रंप ने ईरान को ये धमकी भी दी है कि अगर ईरान उसका प्रस्ताव नहीं मानता, तो वह फिर से उसके बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा.
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