अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान मिडिल ईस्ट में अपने छद्म समूहों खासकर हमास और हिजबुल्लाह को समर्थन देना बंद करने पर सहमत हो गया है. एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान सभी मुद्दों पर सहमत हो गया है, जिसमें हमास और हिजबुल्लाह जैसे समूहों को समर्थन रोकना शामिल है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने ईरान के साथ संभावित परमाणु वार्ता और मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए बातचीत की है.

हाल ही में लेबनान-इजराइल सीमा पर हुए संघर्ष के बीच, हिजबुल्लाह ने सीजफायर के बावजूद अपनी ‘उंगली ट्रिगर पर’ होने की चेतावनी दी है, जो स्थिति की अनिश्चितता को दर्शाता है.
ईरान के रुख में बदलाव का संकेत
हालांकि ईरान इन समूहों का ऐतिहासिक समर्थक रहा है, लेकिन हालिया रिपोर्टों के अनुसार, कूटनीतिक दबाव के तहत ईरान अपने रुख में बदलाव का संकेत दे रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष वार्ता का दूसरा दौर इस वीकेंड हो सकता है. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान बातचीत कर समझौता करना चाहता है. मुझे लगता है कि बैठक संभवतः इस वीकेंड हो सकती है.
हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई अभी खत्म नहीं
हालांकि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि मेरे मित्र अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अनुरोध पर इजराइल ने लेबनान में अस्थायी युद्धविराम के लिए सहमति जताई है लेकिन हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है.
मिसाइल और रॉकेट भंडार नष्ट
नेतन्याहू ने दावा किया कि इजराइल ने हिजबुल्लाह के करीब 90 प्रतिशत मिसाइल और रॉकेट भंडार को नष्ट कर दिया है. लेकिन इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि इस समूह को पूरी तरह खत्म करने का उनका काम अभी खत्म नहीं हुआ है. नेतन्याहू का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करने के कुछ समय बाद आया है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका ने इजराइल को लेबनान पर आगे हमले करने से रोक दिया है.





