अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट के बाहर ब्लॉकेड का ऐलान किया है. अलग-अलग एजेंसियों की खबर के मुताबिक ईरानी पोर्ट पर आने वाले जहाजों पर अमेरिकी ब्लॉकेड के पहले पूरे दिन, कम से कम तीन और ज्यादा से ज्यादा 20 जहाज, जिनमें दो यूनाइटेड स्टेट्स के बैन टैंकर भी शामिल थे, होर्मुज स्ट्रेट से अरेबियन सी में घुसे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन जहाजों पर नाकाबंदी का कोई असर नहीं पड़ा हैं. ये खबर फैलने के बाद अमेरिका तिलमिला गया है, क्योंकि ये सीधे उसकी ताकत को चुनौती दे रही है.

इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी नेवी के सेंट्रल कमांड ने एक पोस्ट में कहा, “ईरानी पोर्ट्स पर पूरी तरह से ब्लॉकेड लगा दिया गया है, क्योंकि अमेरिकी सेना मिडिल ईस्ट में समुद्री बढ़त बनाए हुए है. अनुमान है कि ईरान की 90 फीसद इकॉनमी समुद्र के रास्ते होने वाले इंटरनेशनल ट्रेड से चलती है. ब्लॉकेड लागू होने के 36 घंटे से भी कम समय में, अमेरिकी सेना ने समुद्र के रास्ते ईरान में आने-जाने वाले इकोनॉमिक ट्रेड को पूरी तरह से रोक दिया है.”
Statement from Adm. Brad Cooper, CENTCOM commander: pic.twitter.com/dJxKJcEcmO
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 15, 2026
होर्मुज में रास्ता बंद या खुला?
अमेरिकी अधिकारी कह रहे हैं कि वह होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी बनाए हुए हैं और ईरानी पोर्ट से निकलने वाले जहाज वापस लौट रहे हैं. वहीं
शिपिंग डेटा से पता चला कि अमेरिकी बैन की वजह से टैंकर रिच स्टारी एक दिन पहले खाड़ी से निकलने के बाद बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट में वापस आ गया. हालांकि, इसके अलावा अभी तक होर्मुज से निकलने वाले किसी और जहाज के रोक-टोक की खबर नहीं है. और फारस की खाड़ी में इसे लागू करने की उम्मीद कम है.
चीनी टैंकर को भेजने का दावा
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को एक अमेरिका डिस्ट्रॉयर ने ओमान की खाड़ी में ईरान के चाबहार पोर्ट से निकलने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों को रोक दिया. रिच स्टारी और उसके मालिक, शंघाई ज़ुआनरन शिपिंग कंपनी पर ईरान के साथ डील करने के लिए अमेरिका ने बैन लगाए गए थे. केप्लर डेटा से पता चला कि रिच स्टारी एक मीडियम-रेंज टैंकर है, जिसमें लगभग 250000 बैरल मेथनॉल था, जिसे यूनाइटेड अरब अमीरात के हमरिया पोर्ट पर लोड किया गया था.
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