: बिहार के मोकामा विधायक अनंत सिंह एक बार फिर अपने काफिले को लेकर चर्चा में हैं।

अनंत सिंह शुक्रवार को पटना से प्रयागराज के लिए रवाना हुए। इस दौरान उनके काफिले में 100 से ज्यादा गाड़ियां शामिल रहीं। रास्ते में आरा और बक्सर समेत कई जगहों पर समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया।
अनंत सिंह ने प्रयागराज जाने की वजह अपने पुराने मित्र पप्पू सलमान के घर शादी समारोह में शामिल होना बताया। हालांकि, उनके इस दौरे को सरेंडर से पहले शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है।
100 से ज्यादा गाड़ियों के काफिले के साथ रवाना
पटना से प्रयागराज के लिए निकलते समय अनंत सिंह ने कहा कि वह अपने पुराने दोस्त पप्पू सलमान के यहां शादी में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने अपने मित्र को काफी अच्छा इंसान बताया। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में उनके समर्थक मौजूद हैं। उनके काफिले में बड़ी संख्या में गाड़ियों की मौजूदगी और रास्ते में हुए स्वागत की वजह से उनका यह दौरा चर्चा में आ गया।
आरा में बोले सरकार बदलेगी तो काम होगा
प्रयागराज जाते समय आरा में भी अनंत सिंह का स्वागत किया गया। इस दौरान उनसे क्षेत्र में आने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि बहुत बढ़िया लग रहा है। बातचीत के दौरान कुछ लोगों ने क्षेत्र में मंत्रियों के काम नहीं करने की शिकायत की। इस पर अनंत सिंह ने कहा कि सरकार बदलेगी तो काम होगा। उनके इस बयान को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
BHU जाने की नहीं मिली अनुमति
अनंत सिंह प्रयागराज जाते समय वाराणसी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय भी जाना चाहते थे। उनकी इच्छा विश्वविद्यालय परिसर में महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने की थी। हालांकि, वाराणसी पुलिस ने धनतेरस और दीपावली के दौरान बढ़ी भीड़ और यातायात व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें शहर के बाहर से ही प्रयागराज जाने के लिए मना लिया। इसके चलते उन्हें BHU जाने की अनुमति नहीं मिली।
काफिले को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज
अनंत सिंह के पटना से प्रयागराज तक के इस दौरे में जगहजगह हुए स्वागत और 100 से ज्यादा गाड़ियों के काफिले ने इसे चर्चा का विषय बना दिया है। इस यात्रा को सरेंडर से पहले शक्ति प्रदर्शन से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
हालांकि, अनंत सिंह ने अपने दौरे का कारण दोस्त के घर शादी समारोह में शामिल होना बताया है। अब उनके इस दौरे और बयान को लेकर बिहार की राजनीति में चर्चाएं तेज हैं।