भारत के डेटा सेंटर सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी डील होने जा रही है. देश के टॉप3 कोलोकेशन प्रोवाइडर्स में शामिल एसटीटी ग्लोबल डेटा सेंटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बिकने के लिए तैयार है. कंपनी के मुख्य शेयरहोल्डर्स प्राइवेट इक्विटी ग्रुप KKR, सिंगटेल के साथसाथ टाटा कम्युनिकेशंस ने इसके लोकल ऑपरेशंस को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, ये डील 5.5 बिलियन डॉलर से ज्यादा में हो सकती है. भारत में ये पहला मौका है जब डेटा सेंटर का इतना बड़ा पोर्टफोलियो बिकने के लिए बाजार में आया है. कंपनी के पास फिलहाल देश के 10 शहरों में 34 डेटा सेंटर्स हैं, जिनकी कुल क्षमता 613 मेगावाट है.

दोहरे प्लान पर काम कर रहे हैं शेयरहोल्डर्स
ये मल्टीबिलियन डॉलर की डील एक दोहरी रणनीति का हिस्सा है. इसके जरिए जहां ग्लोबल स्तर पर पूंजी की जरूरतों को बैलेंस किया जाएगा, वहीं टाटा ग्रुप को अपने डेटा सेंटर प्लान को नए सिरे से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी. इस बिक्री प्रक्रिया के लिए एडवाइजर्स को बोर्ड में शामिल कर लिया गया है. ये एडवाइजर्स भारत में मौजूद या यहां एंट्री की योजना बना रहे ग्लोबल प्लेयर्स, बड़े भारतीय कारोबारी घरानों, इंफ्रास्ट्रक्चर फंड्स के अलावा प्राइवेट इक्विटी निवेशकों से संपर्क करेंगे.
खास बात ये है कि शेयरहोल्डर्स ने जुलाई के आसपास करीब 6 से 7 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन पर भारतीय आईपीओ लाने की संभावनाएं भी तलाशनी शुरू की थीं. आईपीओ की वैल्यू की तुलना में कंपनी अपनी सीधी बिक्री से कम से कम 5 बिलियन डॉलर की उम्मीद कर रही है. एशिया पैसिफिक में डेटा सेंटर्स की वैल्यू उनके कॉन्ट्रैक्टेड EBITDA के 1820 गुना पर आंकी गई है. सितंबर 2024 में ब्लैकस्टोन और CPPIB ने ऑस्ट्रेलिया की एयरट्रंक को 16 बिलियन डॉलर में खरीदा था, जो उसके EBITDA का 2223 गुना था. STT GDC को भी ऐसी ही वैल्यूएशन की उम्मीद है. इस पूरे मामले पर KKR व STT GDC इंडिया ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जबकि सिंगटेल व टाटा कम्युनिकेशंस को भेजे गए मेल का कोई जवाब नहीं मिला.
2016 में हुई थी टाटा के साथ साझेदारी की शुरुआत
इस साल फरवरी में, KKR व सिंगटेल कंसोर्टियम ने एसटी टेलीमीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर्स पर पूरा नियंत्रण हासिल करने के लिए 5.2 बिलियन डॉलर के कैश बायआउट की घोषणा की थी. बाकी 82 फीसदी हिस्सेदारी के लिए चुकाई जा रही कीमत के आधार पर कंपनी की एंटरप्राइज वैल्यू 10.2 बिलियन डॉलर आंकी गई थी. वर्तमान में मूल कंपनी STT GDC में KKR की 75 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि बाकी हिस्सा सिंगटेल के पास है. इनकी भारतीय इकाई एसटीटी टेलीमीडिया व टाटा कम्युनिकेशंस का 74:26 फीसदी का जॉइंट वेंचर है.
टाटा ग्रुप पहले ही टीपीजी व अपनी प्रमुख कंपनी टीसीएस के साथ मिलकर डेटा सेंटर का एक स्वतंत्र प्लेटफॉर्म लॉन्च करने का फैसला कर चुका है. साल 2016 में सिंगापुर की कंपनी STT ने टाटा कम्युनिकेशंस के भारतीय डेटा सेंटर बिजनेस में 74 फीसदी हिस्सेदारी खरीदकर भारत में कदम रखा था, जबकि टाटा ने 26 फीसदी हिस्सा अपने पास रखा. उस समय इस बिजनेस की वैल्यू 3,140 करोड़ रुपये थी. तब इस डील में 14 डेटा सेंटर शामिल थे, जिनकी भारतीय बाजार में करीब 28.5 फीसदी हिस्सेदारी थी.
अपनी 26 फीसदी हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए टाटा कम्युनिकेशंस ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान इसमें 319.4 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश भी किया था. सितंबर 2024 में कंपनी ने 56 वर्षों में 550 मेगावाट क्षमता जोड़ने के लिए 26,000 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया था.
कंपनी की कमाई का लेखाजोखा
आज कंपनी के कुल रेवेन्यू का लगभग 75 फीसदी हिस्सा हाइपरस्केलर्स से आता है, जिनके कॉन्ट्रैक्ट आमतौर पर 7 से 15 साल के होते हैं. मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 20262027 के दौरान 6,000 से 6,100 करोड़ रुपये के कैपेक्स का अनुमान लगाया था, जिसे कर्ज, आंतरिक कमाई या इक्विटी के जरिए पूरा किया जाना था. पिछले पांच सालों में कंपनी के ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 15 फीसदी की सालाना ग्रोथ देखी गई है.
टाटा कम्युनिकेशंस की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में STT के भारतीय बिजनेस का ऑपरेशनल रेवेन्यू 17.8 फीसदी बढ़कर 2,747.5 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 2,331.8 करोड़ रुपये था. हालांकि इस दौरान मुनाफा 22.9 फीसदी घटकर 163.5 करोड़ रुपये से 126 करोड़ रुपये पर आ गया. कंपनी की नेट एसेट्स 30.7 फीसदी बढ़कर 4,406.2 करोड़ रुपये से 5,760.5 करोड़ रुपये हो गईं. भारत से बाहर STT ग्रुप का एशिया व यूरोप में बड़ा कारोबार है, जहां ये 2 गीगावाट से ज्यादा की क्षमता वाले 100 से अधिक डेटा सेंटर चलाता है.
2025 के अंत से इसकी ऑपरेशनल क्षमता 25 फीसदी बढ़कर 780 मेगावाट हो गई है, जबकि कॉन्ट्रैक्टेड क्षमता में 50 फीसदी का उछाल आया है. कंपनी के टॉप 10 ग्राहक इसके कुल रेवेन्यू में करीब 76 फीसदी का योगदान देते हैं.