Rahul Gandhi Statement: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित चुनावी गड़बड़ी को लेकर महाभियोग चलाने और देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

शनिवार को नई दिल्ली में ब्लॉक के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर ‘पब्लिक इंपीचमेंट’ कार्यक्रम आयोजित किया।
इसमें पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने अध्यक्षता की, जबकि खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने का प्रस्ताव पेश किया। कार्यक्रम के अंत में इसे पारित कर दिया गया।
हालांकि, यह कार्रवाई संसद में होने वाली औपचारिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं, बल्कि विपक्ष का सांकेतिक कार्यक्रम था। भाजपा ने इसे कांग्रेस की राजनीतिक नौटंकी और राहुल गांधी के लिए तैयार किया गया ‘मॉक पार्लियामेंट’ करार दिया।
#WATCH | Delhi: At the INDIA bloc’s symbolic public impeachment program against CEC Gyanesh Kumar, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, “Mr Gyanesh Kumar is not going to survive as the Chief Election Commissioner. We already have enough proof to make sure that this gentleman cannot… pic.twitter.com/JLY2xUhLFd
— ANI October 31, 2026
राहुल बोले जवाबदेही से बच नहीं पाएंगे CEC
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त को जवाबदेही से बचने नहीं देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
राहुल ने दावा किया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत करीब 13.1 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ये मतदाता 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान के पात्र थे, तो अब उन्हें अयोग्य कैसे माना जा सकता है।
उन्होंने 2024 के चुनाव में जीतहार के करीब तीन प्रतिशत के अंतर का भी उल्लेख किया। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के लिए संस्थागत स्तर पर अपनी बात रखने के रास्ते सीमित हो गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
अपने भाषण के अंत में उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग और देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग दोहराई।
प्रस्ताव में CEC पर लगाए गए छह आरोप
खड़गे की ओर से पेश प्रस्ताव में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ छह आरोपों का उल्लेख किया गया।
इनमें कथित चुनावी अनियमितताओं में मदद करना, SIR के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाना, संसद की मंजूरी के बिना फॉर्म6 में बदलाव करना, ECINET के माध्यम से मतदाता सूची पर नियंत्रण रखना, अन्य चुनाव आयुक्तों को फैसलों से अलग रखना और केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों पर काम करना शामिल है।
खड़गे ने कहा कि विपक्ष की मांग किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और संवैधानिक संस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए है। उन्होंने दावा किया कि 193 विपक्षी सांसदों ने करीब सात महीने पहले संसद के दोनों सदनों में CEC को हटाने के लिए नोटिस दिए थे, जिन्हें स्वीकार नहीं किया गया।
BJP का पलटवार राहुल के लिए बनाई गई नकली संसद
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष के कार्यक्रम पर निशाना साधते हुए इसे ‘मॉक पार्लियामेंट’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राहुल गांधी को उनकी पसंद की संसद का एहसास कराने के लिए इस तरह का आयोजन कर रही है।
त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस निराशा में ऐसे कदम उठा रही है और उसकी अराजकता फैलाने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने मोदी सरकार के कार्यकाल में गरीबी कम होने के दावे भी किए और कहा कि NDA सरकार गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रही है।