Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से इंसानियत और रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां मंडावली थाना क्षेत्र में एक पिता ने ईरिक्शा खरीदकर परिवार का पेट पालने के लिए अपने ही 8 महीने के मासूम बेटे का सौदा कर दिया. वहीं, दूसरी ओर छह बेटियों के बाद बेटे की चाहत रखने वाले एक दंपती ने इस बच्चे को 1 लाख 80 हजार रुपये की रकम देकर खरीद लिया. बिजनौर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न सिर्फ मासूम बच्चे को सकुशल बरामद किया है, बल्कि इस खरीदफरोख्त में शामिल बच्चे के सगे पिता और खरीदार दंपती समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

पूरा मामला मंडावली थाना क्षेत्र के ग्राम कोटावाली का है. पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एसपी बिजनौर कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि कोटावाली निवासी आराम सिंह का परिवार भारी आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. आराम सिंह लंबे समय से किराए का ईरिक्शा चलाता था और अपना खुद का ईरिक्शा खरीदने के लिए रुपयों का इंतजाम करने की कोशिश में था. इसी दौरान उसका संपर्क श्यामीवाला गांव के रहने वाले दो बिचौलियों शमशेर और खुर्शीद से हुआ.
आरोपियों ने दी थी सलाह
आरोपियों ने आराम सिंह की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसे अपना बेटा बेचने की सलाह दी. बिचौलियों ने इस बच्चे का सौदा कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव खुशहालपुर मंठेडी निवासी देवराज सिंह और उसकी पत्नी सुनीता से तय कराया. देवराज और सुनीता के पहले से ही छह बेटियां थीं और समाज व परिवार के दबाव में वे एक बेटे के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थे. बीते 3 अक्टूबर 2025 को 1.80 लाख रुपये के लेनदेन के बाद मासूम को इस दंपती के हवाले कर दिया गया.
बाद में पिता ने दर्ज कराई शिकायत
हाल ही में जब बच्चे के पिता आराम सिंह को अपनी गलती का अहसास हुआ या विवाद बढ़ा, तो उसने मंडावली थाने में बच्चे की गुमशुदगी/चोरी का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया. जब पुलिस ने कड़ाई से जांच शुरू की, तो परत दर परत पूरी सच्चाई सामने आ गई. पुलिस ने तुरंत जाल बिछाकर खरीदार दंपती देवराज और सुनीता के पास से 8 महीने के मासूम को सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे उसकी मां के सुपुर्द कर दिया.
पुलिस ने चार लोगों को किया अरेस्ट
पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए बच्चे के पिता आराम सिंह, मध्यस्थता करने वाले दोनों दलालों और बच्चे को खरीदने वाली महिला सुनीता व उसके पति देवराज समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने सभी के खिलाफ मानव तस्करी के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है. पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इन बिचौलियों का नेटवर्क कहीं और तो नहीं फैला है.