उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यकर्ता सहित परिवार के 3 सदस्यों की नृशंस हत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. हत्याकांड का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासन पर भी कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है. घटना के चार दिन बाद शुक्रवार को प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद खुद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. खास बात यह रही कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचते ही दोनों वरिष्ठ अधिकारी एयरपोर्ट से सीधे घटनास्थल के लिए रवाना हो गए.

चार दिन तक प्रदेश के शीर्ष पुलिस और गृह विभाग के अधिकारियों के पीड़ित परिवार तक नहीं पहुंचने के बाद अचानक हुई इस सक्रियता को काफी अहम माना जा रहा है. अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और पूरे मामले की स्थिति समझी. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अधिकारियों का यह दौरा मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुआ. शाह के लखनऊ पहुंचने के बाद CM योगी से चर्चा करके इस मामले की जानकारी ली. उसके बाद CM के निर्देश के दोनों अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने गए.
अमित शाह के पहुंचते ही बदली प्रशासनिक सक्रियता
गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को दौरे पर लखनऊ पहुंचे. एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए मुख्यमंत्री योगी के अलावा प्रदेश सरकार और संगठन के कई वरिष्ठ नेता तथा अधिकारी मौजूद रहे. मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव गृह और DGP समेत शासनप्रशासन के बड़े अधिकारियों की मौजूदगी के बीच अमित शाह के एयरपोर्ट पहुंचते ही DGP राजीव कृष्ण और अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद सीधे RSS कार्यकर्ता के परिवार के घर के लिए रवाना हो गए.
इस घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर ऐसा क्या हुआ कि हत्याकांड के चार दिन बाद प्रदेश के 2 सबसे अहम विभागों के शीर्ष अधिकारी एक साथ पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे? क्या वायरल वीडियो सामने आने के बाद सरकार और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा? क्या अमित शाह के लखनऊ पहुंचने से पहले ही इस मामले को लेकर शीर्ष स्तर पर गंभीरता बढ़ गई थी?
आरोपी के मकान पर बुलडोजर की तैयारी, सर्वे शुरू
उधर, हत्याकांड में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है. लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर जमीन की स्थिति और नजूल भूमि से जुड़े तथ्यों का सर्वे कर रही है. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है.
सूत्रों के मुताबिक, जमीन और निर्माण से जुड़े नियमों की जांच के बाद आरोपी के मकान के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है. हालांकि, मकान गिराने को लेकर प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. ऐसे में बुलडोजर कार्रवाई की संभावना को फिलहाल जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है.
शाह के दौरे के बीच कानूनव्यवस्था का मुद्दा अहम
अमित शाह का लखनऊ दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं. बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में संगठन की स्थिति, सरकार के कामकाज और आगामी चुनावी रणनीति पर मंथन होना है.
इस बीच, हालिया शिक्षकस्नातक MLC चुनाव में समाजवादी पार्टी की बढ़त और बीजेपी के प्रदर्शन को लेकर भी पार्टी के भीतर मंथन किए जाने की चर्चा है. ऐसे राजनीतिक माहौल में RSS कार्यकर्ता के परिवार के तीन सदस्यों की हत्या का मामला सरकार के लिए कानूनव्यवस्था के लिहाज से भी अहम हो गया है.
पिछले दिनों लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता इलाके में कार पार्किंग और चबूतरे से जुड़े विवाद को लेकर हुई फायरिंग में संघ के पदाधिकारी समेत एक ही परिवार के 3 लोगों की हत्या कर दी गई थी.