बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने बुधवार को बुलंदशहर की रैली में मायावती के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि जब मायावती ने उन्हें सजा दी थी, तब उन्होंने उनसे सवाल किया था कि वह हर बार उनकी परीक्षा क्यों लेती हैं. आकाश के मुताबिक, मायावती ने जवाब में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और बसपा संस्थापक कांशीराम के संघर्ष का उदाहरण दिया था.

आकाश आनंद ने रैली में कहा, ‘बहन जी के पदचिह्न पर चल रहा हूं… हाल ही में बहन जी ने मुझे सजा दी थी… मैंने पूछा कि आप हर बार मेरी परीक्षा क्यों लेती हैं… उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने भी परीक्षा दी थी… मैंने कहा, जितनी परीक्षा लेनी है लीजिए.. बहुजन के लिए मैं सब कुछ त्यागने को तैयार हूं.’ उन्होंने सार्वजनिक रूप से मायावती के प्रति आभार जताया और कहा कि वह बहुजन समाज के लिए लगातार काम करते रहेंगे.
मायावती ने बाबा साहेब और कांशीराम का दिया उदाहरण
आकाश आनंद के मुताबिक, मायावती ने उनसे पूछा था कि क्या बाबा साहेब आंबेडकर ने आखिरी सांस तक समाज के लिए संघर्ष नहीं किया? इसके बाद उन्होंने बसपा संस्थापक कांशीराम के जीवन और संघर्ष का उदाहरण भी दिया. आकाश ने बताया कि मायावती ने उनसे कहा कि जब इतना बड़ा आंदोलन और बहुजन समाज उनके सामने है, तो इतनी बड़ी जिम्मेदारी बिना परीक्षा लिए कैसे सौंपी जा सकती है.
आकाश आनंद के अनुसार, यह सुनकर उनकी आंखों में आंसू आ गए थे. उन्होंने मायावती से कहा कि वह जितनी परीक्षा लेना चाहें, ले सकती हैं और वह बहुजन समाज के लिए पूरी मेहनत से काम करने को तैयार हैं.