उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले दलबदल की सियासत तेज होने लगी है. बदायूं की बिसौली विधानसभा सीट पर बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपने इस्तीफे का ऐलान किया. कुशाग्र सागर ने कहा कि उन्होंने 11 साल तक संगठन में काम किया, लेकिन उन्हें सम्मान और अपनापन नहीं मिला.

उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि यह अंत नहीं, बल्कि आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने की नई शुरुआत है. कुशाग्र सागर के इस्तीफे के बाद बिसौली विधानसभा क्षेत्र में सियासी हलचल तेज हो गई है. उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं. उनके समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि अभी तक सपा में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
आशुतोष मौर्य की बीजेपी से नजदीकी के बीच कुशाग्र का इस्तीफा
कुशाग्र सागर के इस्तीफे को बिसौली के मौजूदा सियासी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है. बिसौली से समाजवादी पार्टी के विधायक आशुतोष मौर्य की बीजेपी से बढ़ती नजदीकियों की चर्चा है. राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग के बाद उनके बीजेपी के करीब आने की अटकलें तेज हुई थीं. राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, आशुतोष मौर्य के जल्द बीजेपी में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है.
यह भी दावा किया जा रहा है कि आशुतोष मौर्य को बीजेपी की ओर से टिकट का भरोसा मिला है. 2022 के विधानसभा चुनाव में आशुतोष मौर्य ने कुशाग्र सागर को 1,834 वोटों से हराया था. अब दोनों नेताओं को लेकर बदलती राजनीतिक चर्चाओं के बीच 2027 के चुनाव से पहले बिसौली का सियासी मुकाबला चर्चा में आ गया है.
2017 में बीजेपी के टिकट पर बने थे विधायक
कुशाग्र सागर 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर बिसौली सीट से विधायक चुने गए थे. 2022 के चुनाव में उन्हें समाजवादी पार्टी के आशुतोष मौर्य से हार का सामना करना पड़ा. कुशाग्र सागर ने अपने इस्तीफे में संगठन के साथ लंबे समय तक काम करने का जिक्र किया है. उनके मुताबिक, 11 साल तक संगठन में काम करने के बावजूद उन्हें सम्मान और अपनापन नहीं मिला. उन्होंने आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने की बात कही है.
बदायूं में शिवपाल यादव का सपा के लिए सियासी अभियान
बदायूं की राजनीति में समाजवादी पार्टी भी लगातार अपनी सक्रियता बढ़ा रही है. बदायूं से शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव सांसद हैं. शिवपाल यादव दूसरी पार्टियों के प्रभावशाली नेताओं को समाजवादी पार्टी से जोड़ने के अभियान में जुटे हुए हैं. बीते दिनों कई नेता सपा में शामिल हुए थे. ऐसे में कुशाग्र सागर अगर समाजवादी पार्टी में शामिल होते हैं, तो बदायूं और खास तौर पर बिसौली की राजनीति में इसका असर पड़ सकता है.