Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र स्थित नगला श्रीगोपाल गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है. मृतकों में 38 वर्षीय महेश, उनकी पत्नी ललिता और उनके तीन मासूम बच्चे शामिल हैं. शुरुआत में चाय और नूडल्स खाने के बाद फूड पॉइजनिंग से मौत होने की आशंका जताई जा रही थी. हालांकि फूड सेफ्टी अधिकारी के ताजा बयान और पड़ताल के बाद इस मामले में नया मोड़ आ गया है, जिसने मौत की वजहों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की है.

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह ने बताया कि सामान्य तौर पर फूड पॉइजनिंग होने पर मरीज को उल्टी, दस्त या पेट में मरोड़ जैसे शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं. इस केस में ऐसे कोई ठोस लक्षण नहीं मिले हैं. ओपी सिंह के अनुसार खाद्य पदार्थों के प्राथमिक निरीक्षण से फूड पॉइजनिंग का स्पष्ट मामला नहीं दिखता. अंदेशा जताया जा रहा है कि मौत के पीछे किसी अत्यंत विषैले या रासायनिक पदार्थ की भूमिका हो सकती है, जिसकी पुष्टि पोस्टमार्टम और विसरा जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी.
जमीन और मकान विवाद का खूनी एंगल: सास और ननद पर संगीन आरोप
पुलिस जांच में अब पारिवारिक और संपत्ति विवाद का नया पहलू भी सामने आया है. मृतका ललिता के मायके वालों ने पुलिस के सामने गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों का दावा है कि करीब 10 बीघा जमीन और मकान के मालिकाना हक को लेकर ललिता का अपनी सास और ननद से लंबे समय से विवाद चल रहा था. मायके पक्ष ने इस संपत्ति विवाद को लेकर हत्या और जहर देने की गंभीर आशंका जताई है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है.
DCP श्रवण कुमार का बयान: विसरा रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच से खुलेगा राज
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी श्रवण कुमार ने बताया कि सभी पांचों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. इसके साथ ही मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित रखकर रासायनिक परीक्षण के लिए भेजा जाएगा. फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और खाद्य पदार्थों के नमूने समेत सभी वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं. पुलिस जमीन विवाद और रंजिश समेत हर पहलू पर गहराई से पूछताछ कर रही है.