Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन से पुलिस और खुफिया एजेंसी ने नशे की तस्करी के एक अनोखे और सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश किया है. यहां नागासौम्या नाम की एक युवती को भारी मात्रा में एमडीएमए ड्रग्स के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि युवती ने जेल में बंद अपने प्रेमी को जमानत पर बाहर निकालने और पैसे जुटाने के लालच में बेंगलुरु से विजयवाड़ा तक ड्रग्स की तस्करी शुरू की थी. पुलिस ने मौके से 110 ग्राम एमडीएमए जब्त करते हुए नेटवर्क के मुख्य सरगना बशीर को भी गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस जांच में युवती के अपराध की दुनिया में कदम रखने की बेहद चौंकाने वाली वजह सामने आई है. नागासौम्या के प्रेमी को करीब तीन महीने पहले चित्तूर में नशे के एक मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था. प्रेमी की कोर्ट से जमानत कराने के लिए युवती को तुरंत पैसों की सख्त जरूरत थी, जिसका फायदा ड्रग्स नेटवर्क के सरगना बशीर ने उठाया. बशीर ने नागासौम्या को बेंगलुरु से विजयवाड़ा सुरक्षित तरीके से ड्रग्स पहुंचाने के बदले 50 हजार रुपये नकद देने का लालच दिया. आसानी से पैसे कमाने की चाह में युवती इस अवैध धंधे में शामिल हो गई.
स्टेशन पर ही दबोची गई प्रेमिका
सरकारी रेलवे पुलिस और स्पेशल ‘ईगल’ टीम को इस तस्करी की गुप्त सूचना पहले ही मिल चुकी थी. इनपुट मिलते ही रेलवे पुलिस और ईगल टीमों ने विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन पर कड़ा पहरा लगा दिया और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखनी शुरू कर दी. जैसे ही नागासौम्या बेंगलुरु से ट्रेन से विजयवाड़ा पहुंची, टीम ने उसे घेरकर पकड़ लिया. तलाशी के दौरान उसके पास से लगभग 110 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली एमडीएमए ड्रग्स जब्त की गई.
कॉलेज छात्रों को निशाना बना रहा था मुख्य सरगना बशीर
युवती से कड़ाई से की गई पूछताछ के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बशीर को भी सलाखों के पीछे धकेल दिया. बशीर पर आरोप है कि वह आंध्र प्रदेश के विभिन्न शहरों में विशेष रूप से कॉलेज छात्रों को निशाना बनाकर ड्रग्स का बड़ा गिरोह चला रहा था. राज्य के काउंटर इंटेलिजेंस विभाग को पहले से ही इस नेटवर्क की भनक थी, जिसके बाद बशीर की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी.
कॉल डिटेल और बैंक अकाउंट्स खंगाल रही पुलिस
बशीर और नागासौम्या की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ने की तैयारी में है. पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डेटा रिकॉर्ड , संपर्क सूची और बैंक खातों की गहन जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि ड्रग्स की बिक्री से कमाए गए पैसों का इस्तेमाल किसी अन्य बड़े अपराध या अवैध गतिविधियों में तो नहीं किया जा रहा था. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही पैसों के लालच में कूरियर बनने वाले अन्य युवाओं और इस रैकेट के पीछे छिपे बड़े तस्करों का भी पर्दाफाश किया जाएगा.