Meerut News: मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला जज की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई. जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने इस हत्याकांड को बेहद नृशंस बताते हुए महाभारत का जिक्र किया. जज अरविंद कुमार मिश्रा ने कहा कि, “अपराधियों को सजा देना ही धर्म है”. सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों दोषी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जुड़े थे. फैसला सुनकर मुस्कान और साहिल रोने लगे.

सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड दिया. सजा सुनाते हुए जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने अपराध की गंभीरता का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यह एक नृशंस हत्याकांड है और इसमें किसी भी तरह की माफी स्वीकार नहीं होगी. जज ने महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि, “अपराधियों को सजा देना ही धर्म है”. इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले में अदालत ने दोनों दोषियों को उनके अपराध के लिए कड़ी सजा सुनाई.
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मुस्कान से पूछा क्या सजा चाहती हो?
सजा का ऐलान करने से पहले जेल में बंद मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया. इस दौरान दोनों काफी भावुक नजर आए. अदालत में जज अरविंद मिश्रा ने मुस्कान से पूछा कि वह अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी है, ऐसे में वह क्या सजा चाहती है? इस पर मुस्कान ने कहा कि उसकी बच्चियों का ख्याल रखा जाए. इसके बाद वह चुप हो गई. जज ने यही सवाल साहिल से भी किया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया. मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद दोनों रोने लगे.
सौरभ की मां बोलीं शांति से न्याय मिला
अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं. उन्होंने रोते हुए कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया है. इस मामले में सौरभ के परिवार को लंबे समय से कड़ी सजा का इंतजार था. सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को की गई थी. आरोप के मुताबिक, मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति की हत्या की थी. हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े किए गए और उन्हें नीले रंग के ड्रम में भर दिया गया था. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था.
कोर्ट के बाहर वकीलों ने बांटे लड्डू
मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद मेरठ कोर्ट परिसर के बाहर वकीलों ने लड्डू बांटे. अधिवक्ताओं ने एकदूसरे को मिठाई खिलाकर फैसले पर खुशी जताई. अधिवक्ता कृष्ण कुमार दुबे के मुताबिक, मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत सजा और जुर्माना भी लगाया गया. उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध में कड़ी सजा की मांग की जा रही थी और अदालत के फैसले से न्याय मिलने का एहसास हुआ है.
देशभर में चर्चा में रहा था हत्याकांड
सौरभ राजपूत की हत्या और शव को नीले ड्रम में छिपाने की घटना लंबे समय तक सुर्खियों में रही. मामले की जांच, सुनवाई और फैसले पर देशभर की नजरें थीं. अदालत ने मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड सुनाया है. हालांकि, मृत्युदंड के मामले में कानून के तहत आगे की न्यायिक प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होती है.