मंगलवार को बंधन बैंक के शेयरों में लगभग 10 फीसदी का उछाल देखने को मिला और कारोबारी सत्र के दौरान बैंक का शेयर बीएसई पर 172.80 रुपए पर पहुंच गया. यह उछाल उन खबरों के बाद आया जिनमें कहा गया था कि अबू धाबी की IHC उन कंपनियों में शामिल है जो बैंक के प्रमोटर, बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज में हिस्सेदारी खरीदने के लिए शुरुआती दौर की बातचीत कर रही हैं. IHC, अबू धाबी के डिप्टी रूलर और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर शेख तहून बिन जायद अल नाहयान की इन्वेस्टमेंट कंपनी है. ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, BFSL के पास बंधन बैंक की एकतिहाई से थोड़ी ज्यादा हिस्सेदारी है. रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम का मकसद शुरुआती दौर के फाइनेंशियल इन्वेस्टर्स को अपनी हिस्सेदारी बेचने का मौका देना है. इससे पहले मीडिया में 13 मार्च को रिपोर्ट आई थी कि BFSL अपने लॉन्गटर्म इन्वेस्टर्स को एग्जिट का मौका देने पर विचार कर रही है.

पुराने इंवेस्टर्स को मिलेगा एग्जिट का मौका
मीडिया रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हिस्सेदारी की यह बिक्री सिंगापुर के GIC और इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन के लिए एग्जिट का रास्ता खोलेगी, जो एक दशक से ज़्यादा समय से कंपनी को सपोर्ट कर रहे हैं. बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज 2532% हिस्सेदारी के लिए स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर्स खोजने के लिए एडवाइजर जेफरीज के साथ काम कर रही है. मार्च के आखिर में इन दोनों के पास BFSL की लगभग 30.3% हिस्सेदारी थी और वे पूरी या आंशिक एग्जिट की कोशिश कर रहे हैं. अकेले उनकी हिस्सेदारी की कीमत लगभग 500600 मिलियन डॉलर हो सकती है. कुछ अन्य इन्वेस्टर्स में SIDBI, फाइनेंशियल इंक्लूजन ट्रस्ट, नॉर्थ ईस्ट फाइनेंशियल इंक्लूजन ट्रस्ट और बंधन एम्प्लॉइज वेलफेयर ट्रस्ट शामिल हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर कोई अन्य शेयरहोल्डर एग्जिट का फैसला करता है, तो यह एक बहुत बड़ा ट्रांजैक्शन होगा.
BFSL की कितनी हिस्सेदारी
31 मार्च तक, BFSL के पास बंधन AMC की 59.98% और बंधन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की 97.16% हिस्सेदारी थी. सिंगापुर का GIC और क्रिस कैपिटल इस एसेट मैनेजमेंट फर्म में अन्य इन्वेस्टर्स हैं. जून के आखिर में बंधन फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड के पास बैंक में 37.5% हिस्सेदारी थी. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुए लाइसेंसिंग एग्रीमेंट के अनुसार, बैंक को 2030 तक अपनी हिस्सेदारी घटाकर 26 फीसदी करनी होगी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि BFSL में हिस्सेदारी के लिए खाड़ी देशों में बैंकों और सॉवरेन फंड्स से बड़े पैमाने पर बातचीत की गई है. इनमें फर्स्ट अबू धाबी बैंक और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के साथसाथ कार्लाइल और EQT जैसे कुछ PE बायआउट फंड्स भी शामिल बताए जा रहे हैं.
बैंक के शेयरों में आई जबरदस्त तेजी
इस खबर के बाद बैंक के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली. कारोबारर सत्र के दौरान कंपनी का शेयर करीब 10 फीसदी की तेजी के साथ 172.80 रुपए पर दिखाई दिया. शेयर बाजार बंद होने के बाद बैंक का शेयर 9.31 फीसदी की तेजी के साथ 172 रुपए पर आ गया. वैसे बैंक का शेयर सोमवार के 157.35 रुपए के मुकाबले में मंगलवार को 161.80 रुपए पर ओपन हुआ था. वैसे बैंक के शेयर ने 220.70 रुपए के साथ 52 हफ्तों का हाई 25 जुलाई को बनाया था.