PPBL RBI Action: बैंक रेगुलेटर RBI ने PPBL पर बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय बैंक ने पहले लाइसेंस कैंसिल कर दिया था और अब ऑफिशियल तौर पर देश के मान्यता प्राप्त शेड्यूल बैंक की लिस्ट से बाहर कर दिया है। इससे स्पष्ट होता है कि, पेटीएम पेमेंट्स बैंक अब देश में अनुसूचित बैंकों की सूची में शामिल नहीं रहेगा।

PPBL बैंकिंग लाइसेंस किया था रद्द
भारतीय रिजर्व बैंक ने 24 अप्रैल 2026 को पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था और हाल ही में RBI ने इसे भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से भी आधिकारिक तौर पर बाहर कर दिया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है और इसे अनुसूचित बैंकों की सूची से हटा दिया है।
RBI ने कहा कि PPBL को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से बाहर कर दिया गया है। यह अधिसूचना 31 जुलाई को प्रकाशित… pic.twitter.com/3GxdvGPHJm
— आकाशवाणी समाचार October 7, 2026
क्या है शेड्यूल बैंक की लिस्ट?
भारत में शेड्यूल बैंक वे बैंक हैं जो भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में शामिल हैं। इन बैंकों को आरबीआई से कम ब्याज दर पर कर्ज लेने और क्लियरिंग हाउस की सुविधा मिलती है।
पेटीएम पेमेंट बैंक का इस लिस्ट से बाहर होना उसके बैंकिंग लाइसेंस रद्द होने का हिस्सा है। RBI ने कहा कि ‘PPBL को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से बाहर कर दिया गया है। यह अधिसूचना 31 जुलाई को प्रकाशित हुई और बाद में भारत के राजपत्र में भी प्रकाशित की गई।’
RBIL का कब हुआ था लाइसेंस रद्द?
भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस 24 अप्रैल 2026 को कारोबार खत्म होने के साथ रद्द कर दिया था।
केंद्रीय बैंक ने कहा था कि, ‘बैंक नियमों का पालन करने में विफल रहा और उसके कामकाज का संचालन इस तरह किया जा रहा था, जो बैंक और उसके डिपॉजिटर के हितों के लिए नुकसानदायक था।’
दिल्ली हाईकोर्ट ने बैंक बंद के दिए थे निर्देश
इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने भी PPBL को बंद करने यानी वाइंडिंगअप का आदेश दे चुका है।
RBI ने 28 जुलाई को बताया था कि ‘दिल्ली हाईकोर्ट ने 8 जुलाई और 22 जुलाई 2026 के अपने आदेशों के जरिए पीपीबीएल को बंद करने का निर्देश दिया था। ये कार्रवाई बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 और कंपनीज एक्ट, 2013 के प्रावधानों के तहत की गई।