वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने प्राकृतिक रूप से अमेरिकी नागरिकता हासिल करने वाले लोगों के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की है। अमेरिकी न्याय विभाग ने 40 लोगों की नागरिकता रद्द करने के लिए अलगअलग संघीय अदालतों में मामले दायर किए हैं। विभाग के अनुसार, यह ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल में एक ही अवधि में नागरिकता रद्द करने के लिए दायर किए गए मामलों की सबसे बड़ी संख्या है।

इन 40 मामलों में एक भारतीय मूल का व्यक्ति भी शामिल है। कैलिफोर्निया के रहने वाले बलविंदर सिंह पर कथित तौर पर फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर अमेरिका में प्रवेश करने और बाद में उसी पहचान के आधार पर अमेरिकी नागरिकता हासिल करने का आरोप है। न्याय विभाग ने उनकी नागरिकता रद्द करने के लिए अदालत का रुख किया है।
किन आरोपों में हो रही है कार्रवाई?
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, इन मामलों में आरोप अलगअलग हैं। इनमें आव्रजन प्रक्रिया के दौरान महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाना, गलत जानकारी देना, फर्जी पहचान का इस्तेमाल, गंभीर आपराधिक गतिविधियों को छिपाना, विदेशी सरकार के एजेंट के रूप में काम करना, कर संबंधी धोखाधड़ी और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। कुछ मामलों में संबंधित लोगों पर नागरिकता हासिल करने से पहले किए गए अपराधों को छिपाने का आरोप है।
न्याय विभाग का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने धोखाधड़ी, गलत जानकारी या महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर नागरिकता हासिल की है, तो कानून के तहत उसकी प्राकृतिक नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
अभी नागरिकता खत्म नहीं हुई है
हालांकि, इस कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि इन 40 लोगों की नागरिकता तत्काल समाप्त हो गई है। ये फिलहाल कानूनी मामले और आरोप हैं। अमेरिकी अदालतों में सरकार को अपने दावों को साबित करना होगा और संबंधित लोगों को भी अपना पक्ष रखने का अधिकार है। अदालत के फैसले के बाद ही नागरिकता रद्द होने की प्रक्रिया पूरी हो सकती है।
पहले भी भारतीय मूल के व्यक्ति पर हुई कार्रवाई
अमेरिकी न्याय विभाग इससे पहले भी भारत में जन्मे एक व्यक्ति की नागरिकता रद्द करा चुका है। अगस्त 2026 में संघीय अदालत ने गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता रद्द करने का आदेश दिया था। न्याय विभाग के अनुसार, उन्होंने नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया के दौरान बलात्कार और अपहरण से जुड़े अपराधों को छिपाया था।
ट्रंप प्रशासन के दौरान नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई को लेकर अमेरिकी सरकार ने आव्रजन व्यवस्था में धोखाधड़ी और गलत जानकारी देने वाले मामलों पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। ताजा 40 मामले इसी व्यापक कानूनी कार्रवाई का हिस्सा हैं।