Justice Ujjal Bhuyan Statement: सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्जल भुइयां ने मताधिकार से जुड़े एक अहम मुद्दे पर सख्त टिप्पणी की है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक वोट देने के अधिकार से वंचित हो जाते हैं, तो ऐसी प्रक्रिया को मनमाना माना जाएगा।
#BREAKING on Bar & Bench
“If any process results in disenfranchising millions and millions of Indian citizens… such a process is intrinsically arbitrary. No amount of whataboutery can justify it” : Supreme Court judge Justice Ujjal Bhuyan
“No authority can do it; no court… pic.twitter.com/fu4t9WRv2R
— Bar and Bench October 4, 2026
अदालतें ऐसी प्रक्रिया को स्वीकार नहीं कर सकती
जस्टिस भुइयां ने कहा कि किसी भी प्रक्रिया को केवल तर्कों या औचित्य के आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता, यदि उसका नतीजा लाखोंकरोड़ों लोगों के मताधिकार पर असर डालता हो।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी प्राधिकरण ऐसी स्थिति पैदा नहीं कर सकता और अदालतें भी इसे स्वीकार नहीं कर सकतीं।
‘लेकिनमगर’ की बातें सही नहीं ठहरा सकतीं
किसी भी तरह की दलील या ‘लेकिनमगर’ की बातें इसे सही नहीं ठहरा सकतीं। मृत वोटर के मामले को छोड़कर, एक बार वोटर लिस्ट में शामिल किए गए वोटर का नाम बिना नोटिस दिए और सुनवाई का मौका दिए बिना हटाया नहीं जा सकता।