Mathura News: उत्तर प्रदेश में मथुरा के वृंदावन में स्थित केली कुंज धाम से जुड़ा एक और लापता होने का मामला सामने आया है. कासगंज के रहने वाले 16 वर्षीय मयंक पिछले करीब दो महीने से लापता है. परिवार का आरोप है कि मयंक सोशल मीडिया पर संत प्रेमानंद महाराज के वीडियो देखता था और उनसे काफी प्रभावित था. वह पहले भी कई बार वृंदावन आ चुका था.

परिजनों के मुताबिक, 7 अगस्त की रात मयंक ट्रेन से मथुरा पहुंचा था. इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका. बेटे के लापता होने के बाद परिवार लगातार उसकी तलाश में जुटा है. परिजनों ने मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन और बरसाना समेत आसपास के कई इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है. परिवार का कहना है कि मयंक का वृंदावन से पहले से लगाव था. वह सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज के वीडियो देखता था और उनके विचारों से प्रभावित था. इसी वजह से परिवार को आशंका है कि वह वृंदावन आया होगा.
केली कुंज पहुंचा परिवार
परिजनों का आरोप है कि मयंक की तलाश में वे कई बार केली कुंज भी पहुंचे. परिवार का कहना है कि वहां पहुंचने के बावजूद उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई. परिजनों के मुताबिक, उन्होंने मयंक की तस्वीर दिखाकर उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी. परिवार का यह भी दावा है कि वे यमुना विहार क्षेत्र में भी गए और वहां मयंक की तलाश की, लेकिन वहां भी उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली. लगातार तलाश के बावजूद बेटे का सुराग नहीं मिलने से परिवार परेशान है.
पुलिस से बेटे को तलाशने की गुहार
मयंक के परिजन अब पुलिस और प्रशासन से उसे जल्द तलाशने की मांग कर रहे हैं. परिवार का कहना है कि करीब दो महीने से वह अपने बेटे की तलाश में भटक रहा है और अब उसकी सुरक्षित बरामदगी ही उनकी सबसे बड़ी चिंता है. बताया गया है कि कासगंज पुलिस ने मयंक के लापता होने के मामले में मुकदमा दर्ज कर रखा है. अब परिवार चाहता है कि पुलिस मथुरावृंदावन समेत उन सभी स्थानों पर जांच करे, जहां मयंक के पहुंचने की संभावना है. पुलिस की जांच में उसकी आखिरी लोकेशन, यात्रा और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी अहम हो सकती है. परिवार को उम्मीद है कि जांच के जरिए जल्द मयंक का पता लगाया जा सकेगा.