Shahjahanpur double murder: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में ने हिलाकर रख दिया है. खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव में भोले बाबा मंदिर के पास झोपड़ी में रहने वाले बाबा बिहारी दास और उनके गुरु गोपाल दास की हत्या का आरोप गांव के ही सुमित सिंह पर लगा है. आरोपी ने वारदात के बाद दोनों शवों को मंदिर परिसर में पहले से तैयार चिता पर रखकर जला दिया. धुआं उठने पर ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई. वहीं, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश में जुट गई है.

घटना की वजह मंदिर पर कब्जे को लेकर चल रहा विवाद बताया जा रहा है. मंदिर के संरक्षक और स्थानीय निवासी शिवकुमार सिंह ने खुदागंज थाने में तहरीर देकर सुमित सिंह पर झोपड़ी में आग लगाने और दोनों साधुओं की हत्या का आरोप लगाया है. ग्रामीणों के मुताबिक, सुमित मंदिर परिसर में खुद रहना चाहता था. इसी वजह से वह वहां रहने वाले बिहारी दास को मंदिर छोड़ने के लिए धमकी देता था. आरोप है कि वह कई बार कह चुका था कि मंदिर में सिर्फ वही रहेगा. इसी विवाद के बाद दोनों साधुओं को निशाना बनाए जाने की बात सामने आ रही है.
जेल से करीब एक महीने पहले आया था बाहर
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी सुमित सिंह पहले भी कई मामलों में जेल जा चुका है. करीब एक महीने पहले ही वह जेल से बाहर आया था. जानकारी के मुताबिक, करीब दो साल पहले उस पर गाड़ी जलाने और जानवरों को आग लगाने के आरोप लगे थे. होली के आसपास अदालत से वारंट जारी होने के बाद उसे जेल भेजा गया था.
जेल से बाहर आने के बाद सुमित ने कथित तौर पर फिर से मंदिर में रहने को लेकर विवाद शुरू किया. आरोप है कि उसने बिहारी दास पर मंदिर खाली करने का दबाव बनाया. पुलिस अब आरोपी के पुराने मामलों और साधुओं से उसके विवाद की भी जानकारी जुटा रही है. घटना
जन्माष्टमी पर गुरु के पास पहुंचे थे गोपाल दास
मृतकों में शामिल गोपाल दास मूल रूप से शाहजहांपुर के अजीजगंज इलाके के रहने वाले थे. ग्रामीणों के अनुसार, वह ब्राह्मण थे और अच्छे कथावाचक के रूप में भी जाने जाते थे. वह करीब 25 वर्षों से सूथा गांव के ठाकुर मंदिर में रहकर कथाप्रवचन करते थे.
वहीं, करीब 55 वर्षीय बिहारी दास शारीरिक रूप से दिव्यांग थे और गांव के भोले बाबा मंदिर में रहते थे. उन्होंने गोपाल दास को अपना गुरु मान लिया था. बताया जा रहा है कि जन्माष्टमी के मौके पर गोपाल दास अपने शिष्य बिहारी दास के पास शिव मंदिर पहुंचे थे. इसके बाद दोनों गुरुशिष्य वहीं साथ रहने लगे थे.
धुआं देखकर ग्रामीण पहुंचे, कंकाल मिले
वारदात के बाद मंदिर के पास स्थित झोपड़ी से धुआं उठता देखकर ग्रामीणों को शक हुआ. लोगों ने पुलिस को सूचना दी और आग बुझाने की कोशिश की. हालांकि, जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक दोनों साधुओं के शव काफी हद तक जल चुके थे.
मौके पर दोनों के कंकाल मिले. सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और अवशेषों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है.
पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपी की तलाश
मंदिर के संरक्षक की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुमित सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. फिलहाल आरोपी की तलाश की जा रही है. पुलिस हत्या, आग लगाने और मंदिर पर कब्जे को लेकर सामने आए विवाद समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
हालांकि, अभी तक हत्या की पूरी परिस्थितियां और आरोपी की भूमिका पुलिस जांच में आधिकारिक तौर पर पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है. ग्रामीणों के आरोपों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है. पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से भी मामले में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है.