बचपन में टीवी पर डोरेमोन या शिनचैन देखना लगभग हर किसी को पसंद रहा है. बीते कुछ सालों में भारत में जापानी कंटेंट का क्रेज काफी तेजी से बढ़ा है. अब ये सिर्फ बच्चों के कार्टून तक सीमित नहीं है, बल्कि टीनएजर्स से लेकर बड़े लोग भी इसके दीवाने हो चुके हैं. इसी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए जापान की बड़ी कंटेंट कंपनियां अब भारत में अपनी रणनीति बदल रही हैं. अब तक ये कंपनियां सिर्फ बनेबनाए एनिमेशन प्रोग्राम भारत भेजती थीं. लेकिन अब ये अपनी पुरानी पहचान यानी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करके फिल्मों, लाइसेंसिंग, मर्चेंडाइजिंग से तगड़ी कमाई करने की तैयारी में हैं. यानी अब, डोरेमोन और शिनचैन जैसे किरदार अब सिर्फ टीवी पर नहीं, बल्कि सिनेमाघरों से लेकर आपके कपड़ों तक पर नजर आएंगे.

टीवी शोज से सिनेमाघरों का रुख
जापानी मीडिया नेटवर्क टीवी असाही के लिए भारत सबसे अहम बाजारों में से एक है. इसी कंपनी के पास डोरेमोन, शिनचैन, निंजा हथौड़ी जैसे मशहूर शोज के अधिकार हैं. टीवी असाही के इंटरनेशनल बिजनेस डिपार्टमेंट की हेड माइको सुमिदा का कहना है कि डोरेमोन पिछले 20 सालों से भारत में मौजूद है. अब कंपनी इसे सिनेमाघरों में उतारने के लिए एक खास प्लान पर काम कर रही है. हाल ही में पीवीआर आईनॉक्स पिक्चर्स ने भारत में शिनचैन की फिल्म रिलीज की थी. अब वे जल्द ही डोरेमोन की नई फिल्म ‘न्यू नोबिता एंड द कैसल ऑफ द अंडरसी डेविल’ को हिंदी, तमिल, तेलुगु भाषाओं में रिलीज करने जा रहे हैं.
डोरेमोन फिल्मों का निर्माण करने वाले स्टूडियो शिनएई एनिमेशन के लिए भी भारत एक बहुत बड़ा बाजार है. इस स्टूडियो ने अब तक डोरेमोन की 45 फिल्में बनाई हैं. स्टूडियो चाहता है कि भारत में इनकी ज्यादा से ज्यादा फिल्में रिलीज हों ताकि वे अपनी पूरी कैटलॉग से अच्छा बिजनेस कर सकें. वहीं फुजिको प्रो के केंजी योशिदा ने बताया कि ‘परमैन’ को भी भारत में काफी पसंद किया गया है. ऐसे में आने वाले समय में उनके और भी कई कैरेक्टर्स भारत आ सकते हैं.
भारत बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार
भारत में एनीमे दर्शकों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है. जेम पार्टनर्स की 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक एनीमे देखने के मामले में भारत अब जापान, चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बन चुका है. भारत में एनीमे की पहुंच 41 फीसदी तक हो गई है. सबसे खास बात ये है कि सर्वे में शामिल 79 फीसदी भारतीय दर्शकों ने एनीमे से जुड़े प्रोडक्ट या सेवाओं पर पैसे खर्च किए हैं.
अगर कमाई की बात करें तो पिछले साल रिलीज हुई ‘डिमन स्लेयर’ की फिल्म ने भारत में 75 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया था. इसी वजह से जियो हॉटस्टार, नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स अपने प्लेटफॉर्म पर ज्यादा से ज्यादा एनीमे कंटेंट जोड़ रहे हैं. क्रंचीरोल जैसे प्लेटफॉर्म के लिए भारत टॉप तीन बाजारों में शामिल हो चुका है.
करोड़ों के मर्चेंडाइज कारोबार पर नजर
हकुहोडो इंडिया की एक हालिया रिसर्च में सामने आया है कि 8 शहरों के करीब 95.9 फीसदी दर्शक अपने स्मार्टफोन पर ही एनीमे देखते हैं. इसके लिए ओटीटी प्लेटफॉर्म्स उनकी पहली पसंद हैं. अब ये दर्शक सिर्फ वीडियो देखकर ही नहीं रुक रहे, बल्कि इन किरदारों से जुड़े कपड़े, स्टेशनरी, बैग्स जैसी रोजमर्रा की चीजें भी खरीद रहे हैं. जापानी कंपनियां इसी मौके को भुनाना चाहती हैं. ब्लैक व्हाइट ऑरेंज जैसी एजेंसियां इनकी मार्केटिंग का काम संभाल रही हैं.
हकुहोडो इंडिया ग्रुप के कोमैनेजिंग डायरेक्टर जयंतो बनर्जी कहते हैं कि एनीमे अब एक छोटे से वर्ग की पसंद नहीं रह गया है. आने वाले समय में ये पूरी तरह से मुख्यधारा का हिस्सा बन जाएगा. उनके मुताबिक, अब ये सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि कई लोगों की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है.