हरी इलायची भारतीय मसालदानी का एक अहम हिस्सा है. इसे इसके कमाल के अरोमा की वजह से न सिर्फ मसालेदार व्यंजनों में इस्तेमाल करते हैं, बल्कि डेजर्ट में भी यूज किया जाता हैं. इलायची महज मसाला नहीं है. ये कई ताकतवर गुणों से भरपूर होती है. बहुत सारे लोग इलायची को ताजा सांसों के लिए भी चबाते हैं, लेकिन इसके फायदे यहीं तक सीमित नहीं हैं. ये आपकी कई हेल्थ प्रॉब्लम को फिक्स कर सकती है. तो चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से जान लेते हैं.

हरी इलायची में फाइबर से लेकर पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस और मैग्नीशियम समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. ‘इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड हेपेटोबिलियरी साइंसेज’ नई दिल्ली के डायरेक्टर और हेड डॉ. शुभम वात्स्य ने हरी इलायची के फायदे बताए हैं.
डाइजेशन बनेगा दुरुस्त
डॉक्टर शुभम वात्स्य कहते हैं कि इलायची के एशेंशियल ऑयल आपके पेट में गैस्ट्रिक जूस और डाइजेस्टिव एंजाइम्स के प्रोडक्शन को स्टिम्यूलेट करते हैं. इससे एसिडिटी, ब्लोटिंग और गैस की प्रॉब्लम काफी हद तक कम हो सकती है.
एक्सपर्ट कहते हैं कि ये गट मोविलिटी को भी इंप्रूव करती है. इससे आपका खाना स्मूद तरीके से डाइजेस्ट होता है.
ओरल हेल्थ में सुधार
इलायची एक माउथ फ्रेशनर होने के साथसाथ ओरल हेल्थ को बूस्ट करने में भी काफी हेल्पफुल रहती है, क्योंकि इसमें एंटीमाइक्रोबियल प्रॉपर्टीज होती हैं.जो बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकती हैं और बदबूदार सांसों को रोकती हैं. इसी के साथ मसूड़ों के इन्फेक्शन और कैविटी से भी बचाती हैं.
कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ रहती है दुरुस्त
डॉक्टर शुभम वात्स्य का कहना है कि इलायची का एक और फायदा ये है कि ये कार्डियोवस्कुलर हेल्थ को सपोर्ट करती है यानी दिल को हेल्दी रखने में मदद करती है.
बीपी मैनेज करने में हेल्पफुल
हरी इलायची में पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स और डायरयूटिक प्रॉपर्टीज हती हैं जो ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करके ब्लड सर्कुलेशन को इंप्रूव करती हैं और हाई बीपी को नेचुरली कम करने में हेल्प कर सकती हैं. हालांकि ये दवा के तौर पर प्राइमरी रोल प्ले नहीं करती है.