सोमवार, 21 सितंबर 2026 ब्रेकिंग
बरेली: नशे में धुत ट्रक ड्राइवर ने मचाया तांडव… कई वाहनों को मारी टक्कर, हादसे में एक युवक की मौत​ | IIT बॉम्बे छात्र सुसाइड केस: अब क्राइम ब्रांच करेगी जांच, 18 सूत्रीय मांगों पर डायरेक्टर के हस्ताक्षर, आज होगी अहम बैठक​ | दिल्ली-मुंबई नहीं, रिटायरमेंट के बाद यहां बसना चाहते हैं लोग, बुजुर्गों की पहली पसंद बना ये शहर​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Business

NPS Swasthya Final Rules: स्वास्थ्य जरूरतों के लिए 25% तक निकाल सकेंगे पैसा, मिलेगा ₹30 लाख तक का इंश्योरेंस​

पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत ‘NPS Swasthya’ स्कीम के फाइनल रूल्स को नोटिफाई कर दिया है. इन नए दिशानिर्देशों का मुख्य उद्देश्य एनपीएस खाताधारकों को रिटायरमेंट फंड के साथसाथ गंभीर बीमारियों और मेडिकल इमरजेंसी के दौरान मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है. इस योजना के तहत सब्सक्राइबर्स को 30 लाख […]

पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत ‘NPS Swasthya’ स्कीम के फाइनल रूल्स को नोटिफाई कर दिया है. इन नए दिशानिर्देशों का मुख्य उद्देश्य एनपीएस खाताधारकों को रिटायरमेंट फंड के साथसाथ गंभीर बीमारियों और मेडिकल इमरजेंसी के दौरान मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है. इस योजना के तहत सब्सक्राइबर्स को 30 लाख रुपए तक का अनिवार्य हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वृद्धावस्था में अस्पताल और इलाज के भारीभरकम खर्चों की चिंता दूर हो सके. इसके साथ ही, नए नियमों में चिकित्सा संबंधी जरूरतों के लिए एनपीएस कॉर्पस से पार्शियल विड्रॉल का दायरा और सीमा तय कर दी गई है. अब खाताधारक अपने कुल जमा फंड में से हेल्थ ट्रीटमेंट के लिए अधिकतम 25 फीसदी तक की राशि निकाल सकेंगे. आइए आपको भी इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं.

NPS स्वास्थ्य क्या है?

NPS स्वास्थ्य, हेल्थकेयर पर केंद्रित एक NPS स्कीम है जिसे रिटायरमेंट की सेविंग और हेल्थकेयर सुविधाओं का लाभ एक साथ देने के लिए बनाया गया है. फाइनल फ्रेमवर्क के तहत, इसके दो अलगअलग हिस्से होंगे: एक NPS स्वास्थ्य इन्वेस्टमेंट अकाउंट और एक अलग सुपर टॉपअप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी. एनरोलमेंट के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी लेना जरूरी है, हालांकि NPS अकाउंट और इंश्योरेंस पॉलिसी कानूनी और ऑपरेशनल तौर पर अलगअलग रहेंगे. NPS में शामिल होने के लिए योग्य कोई भी व्यक्ति गाइडलाइंस के अनुसार NPS स्वास्थ्य में एनरोल कर सकता है.

मेडिकल खर्चों के लिए आप कितना पैसा निकाल सकते हैं?

इसके मुख्य प्रावधानों में से एक हेल्थकेयर से जुड़े पार्शियल विड्रॉल की लिमिट है. सब्सक्राइबर योग्य हेल्थकेयर खर्चों के लिए NPS स्वास्थ्य अकाउंट में किए गए योगदान का 25 फीसदी तक निकाल सकता है. इसमें तय आउटपेशेंट और इनपेशेंट खर्च शामिल हो सकते हैं. पार्शियल विड्रॉल की संख्या पर कोई रोक नहीं है, और PFRDA ने पहले या बाद के विड्रॉल के लिए कोई न्यूनतम वेटिंग पीरियड तय नहीं किया है. हालांकि, पैसा सीधे सब्सक्राइबर को नहीं दिया जाएगा. इसका भुगतान अस्पताल, हेल्थकेयर प्रोवाइडर या अन्य योग्य संस्था को मंजूर किए गए हेल्थकेयर खर्च के लिए किया जाएगा.

फाइनल नियमों में समय से पहले एग्जिट का भी प्रावधान है, जब एक बार में होने वाला योग्य इनपेशेंट हेल्थकेयर खर्च, पार्शियल विड्रॉल के जरिए निकाली जा सकने वाली राशि से ज्यादा हो जाता है. ऐसे मामले में, जमा हुए NPS स्वास्थ्य कॉर्पस का इस्तेमाल सबसे पहले योग्य इनपेशेंट हेल्थकेयर खर्च के लिए किया जा सकता है.

कंट्रीब्यूशन और इंश्योरेंस के नियम क्या हैं?

न्यूनतम शुरुआती योगदान पहले साल के इंश्योरेंस प्रीमियम से जुड़ा है. इसमें सालाना मेंटेनेंस चार्ज के तौर पर 200 रुपए और NPS स्वास्थ्य अकाउंट में इन्वेस्टमेंट के तौर पर 1,000 रुपए भी शामिल हैं. बाद का न्यूनतम योगदान 10 रुपए है.

पेंशन फंड स्कीम को मैनेज करने के लिए NPS स्वास्थ्य कॉर्पस का सालाना 0.08 फीसदी तक चार्ज ले सकता है. सालाना मेंटेनेंस चार्ज के तौर पर 200 रुपए भी लग सकता है.

इंश्योरेंस का हिस्सा ‘फैमिली फ्लोटर’ के तौर पर बनाया गया है, जिसमें सब्सक्राइबर, जीवनसाथी और दो तक आश्रित बच्चे शामिल हैं. मातापिता इसमें शामिल नहीं हैं. इसमें सालाना कुल डिडक्टिबल और उससे जुड़े फैमिलीफ्लोटर समइंस्योर्ड के चार कॉम्बिनेशन हैं:

₹10,000 डिडक्टिबल ₹1 लाख का कवर

₹50,000 डिडक्टिबल ₹5 लाख का कवर

₹1 लाख डिडक्टिबल ₹10 लाख का कवर

₹3 लाख डिडक्टिबल ₹30 लाख का कवर

स्टैंडर्ड इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत सब्सक्राइबर के शामिल होने की उम्र 18 से 70 साल है. पॉलिसी की शर्तों, प्रीमियम और लागू कानूनों के आधार पर, इसे 85 साल की उम्र तक रिन्यू किया जा सकता है.

अगर इंश्योरेंस प्रीमियम भरने के लिए पर्याप्त पैसे न हों तो क्या होगा?

सब्सक्राइबर के लिए यह समझना जरूरी है. अगर इंश्योरेंस रिन्यूअल प्रीमियम भरने के लिए NPS स्वास्थ्य बैलेंस काफी नहीं है, तो पेंशन फ़ंड को, जहां संभव हो, रिन्यूअल से 90, 60 और 30 दिन पहले सब्सक्राइबर को अलर्ट करना चाहिए.

अगर तय ग्रेस पीरियड के बाद भी प्रीमियम का भुगतान नहीं होता है और इंश्योरेंस कवर खत्म हो जाता है, तो NPS स्वास्थ्य अकाउंट बंद कर दिया जाएगा. इसके बाद इसे ‘ऑल सिटिजन मॉडल’ के तहत NPS स्कीम में मिला दिया जाएगा. अगर सब्सक्राइबर के पास पहले से ऐसा NPS अकाउंट नहीं है, तो NPS स्वास्थ्य स्कीम को ऐसे अकाउंट में बदल दिया जाएगा.

इंश्योरेंस पॉलिसी में 30 दिन का शुरुआती वेटिंग पीरियड भी होता है, सिवाय उन दुर्घटनाओं के जिनका जिक्र फाइनल पॉलिसी की शर्तों में किया गया है. पहले से मौजूद बीमारियों और खास बीमारियों या प्रोसीजर के लिए वेटिंग पीरियड 12 महीने का होता है, जो फाइनल इंश्योरेंस पॉलिसी और लागू इंश्योरेंस कानूनों के अधीन है.

क्या मौजूदा NPS पैसे को ट्रांसफर किया जा सकता है?

हां. सब्सक्राइबर ‘ऑल सिटिजन मॉडल’ के तहत मौजूदा NPS स्कीम से NPS स्वास्थ्य अकाउंट में फंड ट्रांसफर कर सकता है, बशर्ते यह राशि लागू इंश्योरेंस डिडक्टिबल को पूरा करने तक ही सीमित हो. सामान्य एग्ज़िट, समय से पहले एग्जिट, मृत्यु या इंश्योरेंस को रिन्यू करने के लिए फ़ंड उपलब्ध न होने पर NPS स्वास्थ्य अकाउंट बंद हो जाएगा. स्वास्थ्य अकाउंट बंद होने से सब्सक्राइबर के किसी दूसरे NPS अकाउंट पर कोई असर नहीं पड़ता है. इसलिए, फाइनल गाइडलाइंस NPS स्वास्थ्य को पहले के ‘प्रूफऑफकांसेप्ट’ फ्रेमवर्क की तुलना में ज्यादा खास बनाती हैं.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY