ग्लोबल टेक्नोलॉजी और डिजिटल टैलेंट सॉल्यूशन देने वाली कंपनी NLB सर्विसेज की एक रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारों के दौरान होने वाली हायरिंग में 1520 फीसदी की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसेजैसे देश त्योहारों के मौसम में प्रवेश कर रहा है, ईकॉमर्स, क्विक कॉमर्स, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, ट्रैवल और कंज्यूमर सर्विस जैसे सेक्टर्स में काम करने वाले बिजनेस साल के सबसे ज्यादा डिमांड वाले समय के लिए तैयारी कर रहे हैं.

त्योहारों का मौसम भारत के वर्कफोर्स के लिए एक रियलटाइम स्ट्रेस टेस्ट बनता जा रहा है, जिसमें एम्प्लॉयर पहले ही हायरिंग कर रहे हैं, पारंपरिक टैलेंट हब से आगे देख रहे हैं और टेक्नोलॉजीइनेबल्ड, फ्लेक्सिबल और तुरंत काम शुरू करने के लिए तैयार टैलेंट पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं.
जो कभी मौसमी डिमांड के लिए एक शॉर्टटर्म प्रतिक्रिया थी, वह अब नए टैलेंट पूल तक पहुंचने, बड़े पैमाने पर क्षमताओं का आकलन करने और लंबे समय के रोजगार के रास्ते बनाने का एक रणनीतिक अवसर बनती जा रही है. NLB सर्विसेज के SVP और APAC हेड वरुण सचदेवा ने कहा कि इसलिए, त्योहारों के दौरान होने वाली हायरिंग का असल असर इस सीजन के बाद भी बना रह सकता है. यह रिपोर्ट इंडस्ट्री के ट्रेंड्स, एम्प्लॉयर की सोच और त्योहारों के दौरान नौकरी की असल पोस्टिंग पर आधारित है, ताकि यह अंदाजा लगाया जा सके कि कितने सीजनल और गिग जॉब्स पैदा हो सकते हैं.
कहां से आ रही है सबसे ज्यादा जॉब?
रिपोर्ट के अनुसार, एम्प्लॉयर त्योहारों के पीक सीजन से लगभग 1214 हफ्ते पहले ही वर्कफोर्स की प्लानिंग शुरू कर देते हैं, जिससे उन्हें पहले से टैलेंट पूल बनाने और कम समय में ज्यादा हायरिंग करने के दबाव को कम करने में मदद मिलती है. जैसेजैसे मांग कम समय के लिए केंद्रित होती जा रही है, वर्कफोर्स की तैयारी एक कॉम्पिटिटिव फायदा बनती जा रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि लास्टमाइल डिलीवरी, वेयरहाउसिंग और फुलफिलमेंट, रिटेल सेल्स, कस्टमर एक्सपीरियंस, इन्वेंट्री मैनेजमेंट, फील्ड ऑपरेशन्स और हॉस्पिटैलिटी में सीजनल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा बना रहेगा. नए जमाने के ऑपरेशनल रोल में 1520 फीसदी की बढ़ोतरी होगी. इनमें डार्कस्टोर इन्वेंट्री कंट्रोलर, रिटर्न और रिफंढ स्पेशलिस्ट, कस्टमररिजॉल्यूशन एग्जीक्यूटिव, मार्केटप्लेस ऑपरेशन प्रोफ़ेशनल, फ़्रॉड और ट्रांज़ैक्शनसपोर्ट स्टाफ़, कैटलॉग मैनेजमेंट एग्जीक्यूटिव और ऑर्डरमैनेजमेंट स्पेशलिस्ट शामिल हैं.
टियर II और III शहरों में हायरिंग होगी स्ट्रांग
यहां तक कि पारंपरिक रूप से ऑपरेशनल माने जाने वाले रोल भी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा, ऑटोमेशन और रियलटाइम फैसला लेने की क्षमता पर ज्यादा निर्भर होते जा रहे हैं. त्योहारों के दौरान हायरिंग भौगोलिक रूप से भी ज्यादा फैल रही है, क्योंकि टियर II और III शहरों से कुल हायरिंग मांग का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा आने की उम्मीद है, और इन बाजारों में हायरिंग में 2530 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है. ईकॉमर्स, क्विक कॉमर्स, ऑर्गनाइज्ड रिटेल और क्षेत्रीय फुलफिलमेंट नेटवर्क का विस्तार जयपुर, लखनऊ, इंदौर, सूरत, नागपुर, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, चंडीगढ़ और कोच्चि जैसे शहरों में मांग बढ़ा रहा है.
फ्रेशर्स और फिमेल अहम टैलेंट पूल
रिपोर्ट से पता चला है कि त्योहारों के दौरान काम करने वाला वर्कफोर्स भी ज्यादा समावेशी और भौगोलिक रूप से विविध होता जा रहा है. फ्रेशर्स, पहली बार काम करने वाले और महिलाएं एक महत्वपूर्ण टैलेंट पूल के रूप में उभर रहे हैं, जिन्हें फ्लेक्सिबल शिफ्ट, घर के पास नौकरी और व्यवस्थित अस्थायी रोजगार का सहारा मिल रहा है. कई कैटेगरी में, नॉनमेट्रो जगहों की महिलाएं नई महिला हायरिंग का 3035 प्रतिशत हिस्सा हो सकती हैं, जो यह संकेत देता है कि त्योहारों की मांग पारंपरिक शहरी टैलेंट पूल से परे रोज़गार के और अवसर खोल रही है.