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एक ही पौधे से बनती है माचा और ग्रीन टी, जान लें दोनों में क्या है अंतर?​

माचा मुख्य रूप से जापानी टी मानी जाती है, जो आप भारत में भी काफी लोकप्रिय हो चुकी है. पहले ये सेलिब्रिटीज के बीच पॉपुलर थी और धीरेधीरे सोशल मीडिया पर इसका ट्रेंड बढ़ने के बाद आम लोगों ने भी इसे अपने रूटीन का हिस्सा बनाना शुरू किया. वहीं ग्रीन टी को ज्यादातर लोग वेट […]

माचा मुख्य रूप से जापानी टी मानी जाती है, जो आप भारत में भी काफी लोकप्रिय हो चुकी है. पहले ये सेलिब्रिटीज के बीच पॉपुलर थी और धीरेधीरे सोशल मीडिया पर इसका ट्रेंड बढ़ने के बाद आम लोगों ने भी इसे अपने रूटीन का हिस्सा बनाना शुरू किया. वहीं ग्रीन टी को ज्यादातर लोग वेट लॉस के लिए अपनी डाइट में शामिल करते हैं. माचा और ग्रीन टी दोनों ही को कैमेलिया साइनेंसिस नाम के एक ही पौधे से तैयार किया जाता है, लेकिन इसमें सिर्फ स्वाद या बनाने के तरीके में ही नहीं बल्कि इसके अलावा भी कई अंतर होते हैं.

माचा और ग्रीन टी को देखते ही आप इसमें फर्क पता कर लेंगे, लेकिन असल में एक ही पौधे की पत्तियों से बनती हैं. गुणों के मामले में भी ये दोनों चाय एकदूसरे से काफी अलग हैं. चलिए जान लेते हैं इनमें कुछ बेसिक से अंतर.

खेती और हार्वेस्ट का प्रोसेस

ग्रीन टी के लिए तैयार किए जाने वाले पौधों को सामान्य धूप में उगाया जाता है तो वहीं माचा की पत्तियों को हार्वेस्ट करने से कुछ हफ्ते पहले छाया में ढककर रखा जाता है. इस वजह से माचा की पत्तियों में क्लोरोफिल और अमीनो एसिड की मात्रा ज्यादा होती है, जिस वजह से ये पत्तियां गहरे हरे रंग की हो जाती हैं.

पिसाई तैयार करने के तरीके में अंतर

ग्रीन टी की पत्तियों को सुखाकर इसे सीधे पैक कर दिया जाता है या फइर टीबैग तैयार किए जाते हैं, जबकि माचा की पत्तियों को सुखाने के बाद इसके डंठल इलग करके पत्थर पर पीसा जाता है और बहुत ही चिकनाबारीक पाउडर तैयार किया जाता है.

पोषक तत्वों में होता है फर्क

माचा और ग्रीन टी को उगाने और तैयार करने के प्रोसेस में अंतर होने की वजह से इनके गुणों में भी फर्क पाया जाता है. छांव में उगाए जाने की वजह से माचा टी में कैफीन की मात्रा भी ज्यादा होती है और एलथीनिन भी अधिक होता है. इसी के साथ इसमें मौजूद अमीनो एसिड्स कैफीन से होने वाले नेगेटिव इफेक्ट्स को बैलेंस करने में मदद करते हैं. ग्रीन टीम में भी कैफीन के साथ ही एलथीनिन होता है, लेकिन माचा से कम पाया जाता है.

पीने के लिए तैयार करने में बड़ा फर्क

जहां ग्रीन टी को पानी में डालकर उबाला जाता है और छानकर पी लेते हैं तो वहीं माचा टी को बनाने के लिए खास बाउल होती है, जिसमें बांस के बिहस्कर से गर्म पानी के साथ माचा पाउडर को अच्छी तरह फेंटा जाता है ताकि गांठें न पड़ें. इसके बाद इसमें बाकी का बचा जरूरत के मुताबिक गर्म पानी डालते हैं. लोग माचा लाटे भी तैयार करते हैं, जिसमें दूध का यूज किया जाता है.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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