Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के बांसगांव थाना क्षेत्र में धारदार हथियार से हुई हत्या के मामले का पुलिस ने शनिवार को खुलासा करने का दावा किया है. पुलिस के मुताबिक, पत्नी से अवैध संबंध होने के शक में संतोष मिश्रा ने अपने चचेरे भाई शुभम की हत्या कर दी. आरोप है कि संतोष ने लोहे के बांके से शुभम के सिर पर वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस ने आरोपी संतोष मिश्रा निवासी जयन्तीपुर को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया लोहे का बांका, घटना के समय पहनी गई रक्तरंजित बनियान और मोबाइल फोन बरामद किया गया है. पुलिस अब बरामद सामान को जांच में शामिल कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है. पुलिस के मुताबिक, 17 सितंबर को मृतक के चचेरे भाई ने बांसगांव थाने में तहरीर दी थी. तहरीर में अज्ञात व्यक्ति पर धारदार हथियार से शुभम की हत्या करने का आरोप लगाया गया था. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की.
50 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए आठ टीमों का गठन किया. जांच टीमों ने घटनास्थल के आसपास से लेकर आनेजाने वाले संभावित रास्तों तक के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया. इसके साथ ही पुलिस ने करीब 300 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर की भी जांच की. संदिग्ध गतिविधियों और घटना के समय क्षेत्र में मौजूद लोगों की जानकारी जुटाने के लिए मैनुअल इंटेलिजेंस का भी सहारा लिया गया.
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे सुराग मिले, जिनके आधार पर संतोष मिश्रा से पूछताछ की गई. पुलिस का दावा है कि पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हत्या में उसकी भूमिका सामने आई. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
शक बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संतोष को अपनी पत्नी और चचेरे भाई शुभम के बीच अवैध संबंध होने का शक था. इसी शक के चलते दोनों के बीच विवाद की स्थिति बनी और आरोप है कि संतोष ने शुभम पर लोहे के बांके से हमला कर दिया. हालांकि, पुलिस के अनुसार हत्या की पूरी परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. बरामद लोहे का बांका, रक्तरंजित बनियान और मोबाइल फोन मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जा रहे हैं.
पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. मामले में आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी.