ईरान ने 48 घंटे बाद होर्मुज में अपने जहाज पर हुए हमले का बदला ले लिया है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने होर्मुज में अमेरिका और इजराइल से जुड़े 2 जहाजों पर हमला कर उसे अपने कंट्रोल में ले लिया है. इनमें एक जहाज पर लाइबेरिया और एक पर पनामा का झंडा लगा था. का कहना है कि इन जहाजों ने होर्मुज में नियमों का उल्लंघन किया, जिसके कारण यह कार्रवाई हुई है.

ईरानी मीडिया का कहना है कि ग्रीक के एक जहाज पर भी हमला किया गया है, लेकिन यह तय नहीं है कि इसे अभी जब्त किया गया है या नहीं.
इससे पहले रविवार (20 अप्रैल) को ईरान के एक जहाज पर अमेरिकी सेना ने हमला किया था. हमले के बाद अमेरिकी सेना ने इस जहाज को जब्त कर लिया था. अमेरिकी मीडिया के मुताबिक जहाज पर चीन से मिसाइल बनाने का सामान लदा था. सेंटकॉम ने इस जहाज को अभी तक अपने कंट्रोल में ले रखा है.
होर्मुज में ईरान ने कैसे लिया बदला?
मरीन ट्रैफिक के मुताबिक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने नाव के जरिए ओमान के पास दो जहाजों को घेर लिया. इन जहाजों पर पहले फायरिंग की गई और फिर इसे कब्जे में ले लिया. इसके बाद होर्मुज के पास ग्रीक के एक और जहाज को ईरान ने कब्जे में लिया है.
इन जहाजों पर क्या लदा था, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. सरकारी बयान में आईआरजीसी ने इन जहाजों का कनेक्शन यहूदी शासन से जोड़ा है.
जिन जहाजों को ईरान ने कंट्रोल में लिया है, उसका नाम MSC- FRANCESCA और EPAMINODES है. तीसरे जहाज के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है.
होर्मुज को लेकर 12 प्वॉइंट का प्लान
ईरान ने बुधवार को संसद में 12 प्वॉइंट वाला एक प्लान संसद में पेश किया है. संसद से मुहर लगते ही इस प्लान को अमल में लाने की बात कही गई है. इसके तहत होर्मुज से किसी भी इजराइली जहाजों को नहीं गुजरने देने की बात कही गई है. इसके अलावा उसके मित्र देश के जहाजों पर भी ईरान ने एक्शन लेने की बात कही है.
ईरान का कहना है कि जो भी देश फारस की खाड़ी के अस्तित्व को नहीं मानेगा, उसके जहाजों को भी होर्मुज से नहीं गुजरने दिया जाएगा. ईरान ने होर्मुज में ईरानी रियाल के जरिए टोल लेने की बात कही है.
ईरान संसद में पेश बिल के मुताबिक जो भी होर्मुज में नियमों का पालन नहीं करने वाले जहाजों को पहले जब्त किया जाएगा. इसके बाद उस पर लदे माल से 20 प्रतिशत जुर्माने के तौर पर वसूला जाएगा.





